Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ प्रशासन की मेहनत रंग लाई, 2 दशक बाद पहुंची सुकमा जिले के कुंदेड़ में बिजली
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का अंदरूनी गांव कुंदेड़, जहां बिजली का इंतजार ग्रामीण दो दशकों से कर रहे थे। नक्सल मामलों में अतिसंवेदनशील माने जाने वाले कुंदेड़ गांव में 20 सालों पहले बिजली थी, लेकिन नक्सलियों ने पूरी बिजली व्यवस्था को ही ध्वस्त कर दिया। इसके बाद किसी की हिम्मत नहीं हुई कि यहां तक बिजली पहुंचा सके। लिहाजा ग्रामीणों को 20 सालों के लंबे समय तक बिजली के इंतजार में चिमनी की रोशनी में ही रात बितानी पड़ी।

इसके बाद बीते साल कुंदेड़ गांव में सीआरपीएफ की 165वीं बटालियन की तैनाती हुई। यहां बटालियन का कैंप शुरू किया गया। कैंप की स्थापना के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना जगी। इसी बीच करीब एक साल के प्रयास के बाद अब कुंदेड़ गांव जगमगाने लगा है। सीआरपीएफ, जिला पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से यहां बिजली पहुंची।
बिजली पहुंचने के साथ ही अब घरों में बिजली के बल्ब जगमगाने लगे हैं। चिमनी की रौशनी से अब ग्रामीणों को निजात मिल चुकी है। 20 साल के लंबे समय के बाद यहां बिजली पहुंचने की खुशी अलग से ग्रामीणों में देखने को मिल रही है। बताया जाता है कि नक्सलियों द्वारा बिजली व्यवस्था को ध्वस्त करने के बाद बीते साल 18 दिसंबर को यहां सीआरपीएफ का कैंप स्थापित किया गया था, जिसके बाद जवानों की सुरक्षा में विकास कार्य शुरू हुए।












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