Chhattisgarh Election: मीडिया पर भी चुनाव आयोग की पैनी नज़र, वोटिंग से पहले विज्ञापनों का प्रमाणीकरण जरूरी
CHHATTISGARH: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के साथ ही प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन को रोकने के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत मतदान दिवस और उसके एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणीकरण आवश्यक है।

भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से इस संबंध में जारी परिपत्र की जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन के लिए द्वितीय चरण के मतदान के एक दिन पहले और मतदान दिवस यानि 16 नवम्बर और 17 नवम्बर को प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व जिला अथवा राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति से विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति को प्रमाणन हेतु प्राप्त आवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा कंगाले ने बताया कि मतदान दिवस के पूर्व और मतदान तिथि को प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन के बाद वे दल अथवा प्रत्याशी जो इससे प्रभावित होते हैं, उनके पास किसी भी प्रकार की सफाई अथवा खंडन का अवसर नहीं होता। ऐसे में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन आवश्यक है।
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