छत्तीसगढ़: डॉक्टर नहीं लिख रहे थे जैनरिक दवा, सीएम भूपेश बघेल हुए नाराज
रायपुर, 18 अप्रैल। छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से आम आदमी को सस्ती दवाये उपलब्ध कराने के लिए श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना शुरू करने के बाद भी उसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा था, जब इसकी जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लगी, तो उन्होंने अफसरों की जमकर क्लास लगाई है। दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और पर्यावरण एवं आवास विभाग की समीक्षा की। बैठक के दौरान उनके संज्ञान में यह बात आई कि सस्ती दवाओं के होते हुए भी सरकारी डॉक्टर मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों में मिलने वाली दवाये लिख रहे हैं।

डॉक्टरों ने मरीज को नहीं जेनरिक दवाई, तो होगी कार्रवाई
सीएम हाउस में हुई बैठक में सीएम् भूपेश बघेल ने श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सरकारी अस्पतालों में जेनेरिक दवाईयों की जगह ब्रांडेड दवाई लिखने पर कड़ी नाराजगी दर्ज कराई । सीएम ने अफसरों से कहा कि अगर कोई सरकारी डॉक्टर ब्रांडेड दवाईयां लिखते हैं , तो उनपर पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ।सीएम के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने तत्काल सभी जिलों के कलेक्टरों और सीएमएचओ को निर्देश जारी करते हुए कहा कि वह यह सुनिश्चित करें कि चिकित्सक केवल जेनेरिक दवाईयां ही लिखे।
जैनरिक दवाओं ने बचाये जनता के 17 करोड़ 38 लाख रूपए
दरअसल सीएम भूपेश बघेल को यह जानकारी मिली थी कि बार-बार बताये जाने के बाद भी सरकारी डॉक्टर जेनेरिक की जगह मरीजों को ब्रांडेड दवाईयां लिख रहे हैं।गौरतलब है कि आम जनता को सस्ती दवाईयां मिलें, इसके लिए भूपेश बघेल सरकार ने पूरे प्रदेश में श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर शुरू किए हैं। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 159 मेडिकल स्टोर संचालित हैं। सरकार आंकलन है कि योजना लागु होने से लेकर अब एक सभी मेडिकल स्टोर्स के जरिये बेचीं की गई दवाईयों से करीब 17 लाख 92 हजार नागरिकों केे 17 करोड़ 38 लाख रूपए की बचत हुई है।
नगरीय निकायों की सम्पत्तियों को किया गया फ्री-होल्ड
इसके सीएम हाउस में अलावा आवास से जुड़े मामलों पर भी समीक्षा की गई। बैठक में यह बात सामने आई कि छत्तीसगढ़ की 9 नगर निगमों में 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय प्लॉटस पर निर्माण हेतु ऑनलाईन भवन अनुज्ञा प्रणाली लागू की गई है, जिसके जरिये अब तक 3771 भवन अनुज्ञा जारी की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के मार्फ़त नगरीय निकायों द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं को ऑनलाईन करने के निर्देश जारी किये। बैठक में सीएम ने निर्देश दिए कि ले-आउट पास करने का अधिकार आगे से नगर निगम को सौंपा जाये। पहले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की तरफ से ले-आउट पास किया जाता था। अब जनता को किसी भी काम के लिए दो दफ्तरो के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। सीएम भूपेश बघेल ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के नगरीय निकायों की सम्पत्तियों को फ्री-होल्ड करने के भी निर्देश जारी किये ।
बैठक में सीएम भूपेश की तरफ से लिए गए निर्णय के मुताबिक नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजपत्रित अधिकारी घोषित किए जाएंगे। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने सीएम से मुख्य नगरपालिका अधिकारी को राजपत्रित अधिकारी घोषित करने का सुझाव दिया था।












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