बागेश्वरधाम से पहले अस्पताल पहुंची शिवरंजनी तिवारी, उधर धीरेंद्र शास्त्री एकांतवास पर चले गए
Bageshwardham पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) से विवाह की कामना रखने वाली शिवरंजनी तिवारी (Shivranjani Tiwari) उत्तराखंड के गंगोत्री से सिर पर गंगाजल का कलश लेकर बागेश्वरधाम की पदयात्रा पर निकली हैं। शिवरंजनी छतरपुर पहुंचते ही गर्मी के कारण बीमार हो गईं। अस्पताल में इलाज के बाद वे अब स्वस्थ्य हैं, इधर उनके बागेश्वरधाम पहुंचने से पहले ही धीरेंद्र शास्त्री 5 दिन के एकांतवास पर चले गए!
भजन गायिका, एमबीबीएस की स्टूडेंट और यूट्यूबर शिवरंजनी तिवारी इन दिनों काफी चर्चा में हैं। उनकी इच्छा पंडित धीरेंद्र शास्त्री से विवाह करने की है। इसी कामना को लेकर वे उत्तराखंड के गंगोत्री से सिर पर गंगाजल लेकर पैदल बागेश्वरधाम तक की यात्रा कर रही हैं। एक महीने पहले गंगोत्री से निकली शिवरंजनी बीती शाम छतरपुर पहुंच गई थीं। इधर धूप में पैदल चलने के कारण उनकी तबियत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने चैकअप के बाद बताया कि डिहाइड्रेशन हो गया है। उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी।

शिवरंजनी के पहुंचने से पहले धीरेंद्र शास्त्री एकांतवास में चले गए
शिवरंजनी तिवारी बागेश्वरधाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दर्शन करने और मिलने बागेश्वरधाम आई हैं। इधर उनके गढ़ा स्थित बागेश्वरधाम पहुंचने से पहले ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री एकांतवास पर चले गए हैं। वे कहां हैं यह केवल उनके नजदीकि चंद लोगों को ही पताा है। वे बागेश्वरधाम में हैं या कहीं और हैं, यह जानकारी नहीं दी जा रही है।
सनातन पर पुस्तक लिखने एकांतवास में गए धीरेंद्र शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री ने पिछले दिनों मंदसौर में आयोजित कथा के दौरान कहा था कि वे पांच दिनों के लिए एकांतवास में जा रहे हैं। इस दौरान वे सनातन धर्म पर एक छोटी सी पुस्तक लिखेंगे, जो देश के स्कूलों में बच्चों को पहुंचाई जाएगी, ताकि उन्हें सनातन की जानकारी हो सके। उन्होंने मंच से कहा था द केरला फिल्म में पूछा गया था सनातन धर्म क्या है? लोगों को सनातन की जानकारी नहीं है, इसलिए वे एक पुस्तक लिखेंगे सनानत धर्म क्या है। उन्होंने कहा था वे समाज से पांच दिन की छुट्टी ले रहे हैं।
Recommended Video

चाहे एकांतवास में जाएं या अज्ञातवास में, दर्शन होकर रहेंगे
पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मिलने पहुंची शिवरंजनी तिवारी को जब छतरपुर में मीडिया ने उनके एकांतवास में जाने की जानकारी दी तो उनका स्पष्ट कहना था कि चाहे एकांतवास में जाएं या अज्ञातवास में जाएं, दर्शन तो होकर रहेंगे, उन्हें बाला सरकार पर है।












Click it and Unblock the Notifications