Wipro Layoffs: विप्रो में सैकड़ों लोगों की खतरे में नौकरी, इस वजह से कंपनी करेगी छंटनी
Layoffs in Wipro: ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप कंपनी स्विगी (Swiggy) के बाद अब देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) में नौकरियों की संकट को लेकर बुरी खबर सामने आई है। विप्रो भी अब अपने कर्मचारियों को झटका देते हुए छंटनी करने वाला है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विप्रो अपने मार्जिन में सुधार करने के लिए छंटनी का रास्ता अपना रहा है। कंपनी के इस कदम से सैकड़ों मिड-रेंज यानी मध्य स्तर के कर्मचारियों की नौकरी जाएगी। खबरों के अनुसार कंपनी मिड लेवल के 100 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी करेगी।

प्रॉफिट मार्जिन में सुधार के लिए छंटनी
विप्रो मिड लेवल के कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के प्रोसेस में है, क्योंकि कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन में सुधार करना चाहती है। इससे पता चलता है कि आईटी कंपनियों के लिए मार्जिन में सुधार और लागत बचाने के लिए कर्मचारियों की छंटनी करना एक चलन बन गया है।
कम प्रॉफिट मार्जिन बना चुनौती
इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक, विप्रो इस समय भारत में सूचीबद्ध चार सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनियों में सबसे कम प्रॉफिट मार्जिन की चुनौती का सामना कर रही है। दिसंबर तिमाही में इसका मार्जिन 16 फीसदी रहा, जो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (25 फीसदी), इंफोसिस (20.5 फीसदी) और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (19.8 फीसदी) से काफी कम है। कंपनी अब अपने कारोबार को बेहतर बनाने के लिए कुछ नौकरियों में कटौती करने की तैयारी कर रही है।
मैसेज भेजना किया शुरू
रिपोर्टों से पता चलता है कि नौकरी में कटौती मुख्य रूप से मध्य स्तर के अधिकारियों को टारगेट करती है, विशेष रूप से ऑनसाइट काम करने वालों को। खबर के अनुसार इस महीने की शुरुआत में मैसेज भेजे जाने शुरू हो गए हैं। जिसके तहत सैकड़ों मिड लेवल के अधिकारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है।
यह निर्णय कथित तौर पर सीईओ थिएरी डेलापोर्टे के नेतृत्व में कंपनी द्वारा 2021 में 1.45 बिलियन डॉलर में कंसल्टिंग फर्म कैपको के अधिग्रहण से जुड़ा है। हालांकि, कोविड के बाद की आर्थिक मंदी और ग्राहक खर्च में कमी ने परामर्श व्यवसाय को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप लागत में कटौती के उपाय किए गए।












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