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TCS on Credit Card: 20 % शुल्क से बौखलाए यूजर्स, Extra Charge पर अशनीर ग्रोवर भी भड़के, जानिए पैसा कहां कटेगा

TCS on Credit Card का नियम काफी चर्चा में है। क्रेडिट कार्ड पर 20 फीसद टीसीएस चार्ज किए जाने को लेकर क्रेडिट कार्ड यूजर्स भड़के हुए हैं। Extra Charge के नियमों पर अशनीर ग्रोवर जैसे धुरंधर भी नाराज हैं। जानिए पूरा मामला

TCS on Credit Card

TCS on Credit Card का नियम लागू हुए दो दिन हो चुके हैं। 20 फीसद शुल्क लगने की बात जानकर क्रेडिट कार्ड यूजर्स की बौखलाहट सामने आने लगी है। नेटिजन्स सोशल मीडिया पर भड़ास निकाल रहे हैं। Extra Charge पर अशनीर ग्रोवर भी भड़क गए हैं।

अब जबकि सरकार की तरफ से क्रेडिट कार्ड पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने का नियम लागू हो चुका है तो कार्ड यूज करने से पहले जानना बेहद जरूरी है कि एक्सट्रा पैसा कहां कटेगा? जानिए, टीसीएस ऑन क्रेडिट कार्ड के बारे में सबकुछ

एक जुलाई से लगेंगे अधिक पैसे

दरअसल, क्रेडिट कार्ड पर 20 फीसद टीसीएस का सीधा मतलब ये है कि अगर आप भारत के बाहर अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो एक्स्ट्रा पैसे कटेंगे। ऐसे इंटरनेशनल खर्च 16 मई, 2023 से उदारीकृत प्रेषण योजना यानी Liberalised Remittance Scheme (LRS) के दायरे में आएंगे। 1 जुलाई, 2023 से प्रभावी होने वाला इस नियम के तहत टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स यानी टीसीएस 20 फीसद की दर से वसूला जाएगा।

केंद्र सरकार ने मंगलवार (16 मई, 2023) को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत संशोधित नियमों को अधिसूचित किया। इससे एलआरएस के तहत भारत के बाहर क्रेडिट कार्ड खर्चों को भी शामिल किया गया है। संशोधित नियम 1 जुलाई, 2023 से लागू होगा।

सरकार का कहना है कि इस कदम से उच्च-मूल्य वाले विदेशी लेनदेन को ट्रैक करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड खर्च पर 20% TCS लगाने के सरकार के फैसले से सोशल मीडिया यूजर्स भड़के हुए हैं। आलम ये रहा कि गुरुवार को 20% TCS ट्विटर के टॉप पांच ट्रेंडिंग टॉपिक में एक था।

वित्तीय मामलों के जानकार और स्वदेशी यूपीआई पेमेंट की स्टार्टअप के बाद मशहूर यूनिकॉर्न बना चुके अशनीर ग्रोवर ने भी इस Extra Charge क्लॉज पर ऐतराज जताया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, विदेश यात्रा पर 20 फीसद टीसीएस को रोचक बताया।

क्यों भड़के अशनीर ग्रोवर

हालांकि, अशनीर ने इस नियम को सीधा बेतुका नहीं माना लेकिन इशारों में उन्होंने नेताओं के चंदे पर टैक्स न वसूलने की बात जरूर छेड़ दी। ग्रोवर ने कहा, 'विदेश यात्रा पे 20% टीसीएस; विदेशी क्रेडिट कार्ड खर्च पे 20% टीसीएस। इसे एलआरएस की सीमा में लाना बहुत ही दिलचस्प नियम है। हां राजनीतिक चंदे पर कभी टीसीएस नहीं लगने वाला - ये तय है! वहां आपको उल्टा इनकम टैक्स में छूट मिलेगी।'

टैक्स में 15 फीसद उछाल

वित्तीय मामलों की कंपनी- कैपिटल माइंड के संस्थापक और सीईओ दीपक शेनॉय ने ट्वीट किया, "यह बड़ा है। नियम 7 को हटाने से खेल बदल जाता है। प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड लेनदेन, आज से, किसी व्यक्ति द्वारा किया गया => LRS सीमा के दायरे में होगा। यानी 1 जुलाई तक 5% टीसीएस और उसके बाद 20% टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS)।

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    सरकार पर तीखा हमला

    दीपक ने सुझाव के अंदाज में कहा कि 20 फीसद टीसीएस को अन्य करों के खिलाफ समायोजित किया जा सकता है। फैसले के बाद कई ट्विटर यूजर्स ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री की तस्वीरों के साथ लिखा, प्रधानमंत्री इसलिए अधिकांश विदेश दौरे पहले ही कर चुके हैं। पता नहीं कब कौन सा टैक्स लग जाए। कई लोगों ने जटिल नियमों को हताश करने वाला भी बताया।

    आलोचनाओं के बीच समझिए FEMA का कॉन्सेप्ट

    फेमा यानी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के तहत जो नई अधिसूचना आई है, इसके मुताबिक;

    • अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड लेनदेन पर भी 1 जुलाई से 20% की दर से टीसीएस लगेगा। 30 जून तक टीसीएस की दर 5% है।
    • विदेश में वार्षिक क्रेडिट कार्ड लेनदेन अगर 2,50,000 अमेरिकी डॉलर है तो ये LRS सीमा के अधीन होंगे। इससे अधिक किसी भी खर्च के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से पूर्व अनुमोदन की जरूरत पड़ेगी।
    • विदेशी यात्राओं पर भारतीय यूजर अगर क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं तो 16 मई, 2023 से प्रभावी अधिसूचना के कारण लेनदेन LRS के दायरे में होगा। इसकी देखरेख RBI करता है।
    • 1 जुलाई, 2023 से अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड लेनदेन के लिए उच्च टीसीएस दर लागू होगी।
    • सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद विदेशी प्रेषण (remittance) पर आरबीआई की पकड़ बढ़ाना है।
    • 20% टीसीएस नियम हाई नेटवर्थ वाले व्यक्तियों (HNIs) के लिए नकदी प्रवाह के मुद्दों को भी जन्म दे सकता है।
    • टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस कदम से कई लोगों को ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ सकता है।
    • विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस बारे में और अधिक स्पष्ट बयान जारी करेगी, मसलन टैक्स वसूलने वाले अधिकारी इंटरनेट पर अंतरराष्ट्रीय खरीद और विदेशों में क्रेडिट कार्ड खर्च के बीच अंतर कैसे करेंगे।

    फेमा में कौन से लेनदेन गिने जाते हैं?

    फेमा की नई अधिसूचना में अब विदेश में अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किए जाने वाले कई प्रकार के भुगतान गिने जाते हैं। जैसे हवाई यात्रा, मनोरंजन, होटल बुकिंग, भोजन आदि। 2,50,000 डॉलर यानी लगभग 2.06 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने के लिए नए नियमों के तहत पूर्व स्वीकृति की जरूरत होगी।

    अधिक पैसे खर्च करने पर RBI की परमिशन जरूरी

    TCS on Credit Card के संबंध में फाइनांशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्जेंट इंडिया के प्रबंध निदेशक प्रकाश गडिया ने बताया, नई अधिसूचना का मतलब है कि खर्च और उपहार जैसे व्यक्तिगत लेनदेन पर विदेशी मुद्रा खर्च, और चिकित्सा उपचार 2,50,000 डॉलर से अधिक नहीं हो सकते। अधिक खर्च की सूरत में पहले RBI से परमिशन लेनी होगी।

    क्या आप क्रेडिट वापसी का दावा कर सकते हैं?

    विशेषज्ञों का मानना है कि 20% टीसीएस नियम से अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लेनदेन कम हो सकते हैं। जो यूजर 20 फीसद टीसीएस का भुगतान करेंगे उनके बारे में कहा जा रहा है कि आयकर रिटर्न (आईटीआर फाइलिंग) के समय "20% टीसीएस" वापस लेने का दावा कर सकेंगे। हालांकि, स्रोत पर एकत्र किए गए कर (TCS) के परिणामस्वरूप कुछ करदाताओं के लिए नकदी प्रवाह बड़ी चुनौती बन सकती है। क्योंकि रिफंड आईटीआर फाइल करने के बाद ही उपलब्ध होगा।

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