क्या टैक्स के दायरे में आने से लीगल हो गईं क्रिप्टोकरेंसी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब
नई दिल्ली, 11 फऱवरी। बजट 2022-23 में क्रिप्टोकरेंसी को टैक्स के दायरे में लाया गया। क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स की घोषणा के बाद कई लोग ये समझने लगे कि सरकार ने इसे लीगल कर दिया है, लेकिन शुक्रवार को संसद के चालू बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो कहा उससे बाद इस कंफ्यूजन से पर्दा उठ गया। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के पास क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजेक्शन से होने वाले लाभ पर टैक्स लगाने का सॉवरेन राइट है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि टैक्स लगाए जाने से क्रिप्टो लीगल हो गए। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने हैं या नहीं लगाने हैं इसका फैसला विचार-विमर्श के बाद आएगा।

जहां बजट में क्रिप्टोकरेंसी को टैक्स के दायरे में लाया गया तो वहीं सरकार ने डिजिटल करेंसी की घोषणा की। भारतीय रिजर्व बैंक साल 2022-23 में इस डिजिटल करेंसी को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का उपयोग करते हुए डिजिटल करेंसी को तैयार किया जा रहा है। सरकार ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी CBDC की शुरुआत की तैयारी कर ली हैं, जिसके प्रबंधन की कमान आरबीआई में होगी।












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