शेयर बाजार में मचा हाहाकार, निवेशकों को एक दिन में 2.42 लाख करोड़ रुपये का घाटा, क्या है गिरावट की मुख्य वजह?
शेयर मार्केट में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स अभी 793.25 अंकों से ज्यादा टूटकर 74,244.90 स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 234.40 अंकों की गिरावट के साथ 22,519.40 के स्तर पर बंद हुआ।
गुरुवार को ईद की वजह से शेयर बाजार बंद था, लेकिन शुक्रवार को गिरावट के साथ बाजार खुला, और फिर लाल निशाने गहराने लगा। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी, सेंसेक्स और बैंक निफ्टी में भी कमजोरी दिखाई दी। यह लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए।

शुक्रवार के कारोबार में Divis Labs, Tata Consumer Products, Bajaj Auto, Tata Motors और TCS निफ्टी के टॉप गेनर रहे। वहीं Sun Pharma, Maruti Suzuki, Power Grid Corporation, Titan Company और ONGC टॉप लूजर रहे।
निवेशकों को बंपर नुकसान
BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 12 अप्रैल को घटकर 399.77 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। पिछले कारोबारी दिन यानी कि 10 अप्रैल को यह 402.19 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों की संपत्ति में करीब 2.42 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है।
क्यों गिरा शेयर मार्केट?
दरअसल, भारतीय बाजार में आज तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी शेयर बाजार है। अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले चार दिन से गिरावट का सिलसिला जारी है। अमेरिका में महंगाई का जो आंकड़ा आया है, वह अनुमान से ज्यादा रहा है। अमेरिका में महंगाई का डेटा जारी होने के बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि हुई, जबकि शेयर बाजार में गिरावट आई।
इसके अलावा अमेरिकी बाजार में गिरावट की वजह रेट कटौती में देरी भी है। जनवरी में महंगाई दर 3.1 प्रतिशत और फरवरी में 3.2 फीसदी थी। मार्च में ये आंकड़ा 3.8 चला गया। दुनिया भर में इक्विटी मार्केट इस उम्मीद में बढ़ रहे थे कि उच्च इंटरेस्ट रेट साइकल पीछे छूट गया है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती शुरू कर देगा।
हालांकि उम्मीद से अधिक मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने इस उम्मीद धूमिल कर दिया है कि यूएस फेड जल्द ही ब्याज दरों में कटौती शुरू कर सकता है। इस वजह से बाजार में बिकवाली का माहौल है, और इससे ग्लोबल बाजारों पर असर हो रहा है। अब एक्सपर्ट्स को नहीं लगता कि यूएस फेड जून की शुरुआत में ब्याज दरों में कटौती करेगा।












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