20 जून से सस्ता सोना खरीदने का गोल्डन चांस, मोदी सरकार फिर से ला रही है ये गोल्ड स्कीम
Gold Bond Scheme: 20 जून से सस्ता सोना खरीदने का गोल्डन चांस, मोदी सरकार फिर से ला रही है ये गोल्ड स्कीम
नई दिल्ली। अगर आप सोने की बढ़ती कीमतों को लेकर परेशान है तो आपसे पास अच्छा मौका है, सस्ता सोना खरीदने का। 20 जून से मोदी सरकार की गोल्ड स्कीम की शुरुआत हो रही है। 20 जून से अगले पांच दिनों तक ये स्कीम चलेगी , जिसके तहत आपको सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका मिलेगा। दरअसल सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) स्कीम 2022-23 के पहले सीरीज की शुरुआत कर रही है।

20 जून से खरीदे सस्ता सोना
20 जून से एसजीबी योजना 2022-23 के पहले सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। 20 जून से पांच दिनों के लिए मोदी सरकार आपको सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है। आप इस दौरान डिजिटल गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते हैं। इस स्कीम के तहत सरकार बॉन्ड जारी करती है। लोगों को गोल्ड बॉन्ड में निवेश का मौका मिलता है।

क्या है खास
आप इस गोल्ड बॉन्ड में 20 जून से अगले पांच दिनों तक निवेश कर सकते हैं। RBI द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ये गोल्ड बॉन्ड 8 साल के पीरिएड के लिए जारी होगा,। आप इस स्कीम में मिनिमम एक ग्राम गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। आरबीआई ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के 2021-22 सीरीज में कुल 10 किस्त जारी की गई थी। इसके लिए केंद्रीय बैंक ने कुल 12991 करोड़ रुपए का बॉन्ड जारी किया गया था।

जानें इस स्कीम के बारे में खास बातें
अगर आप गोल्ड बॉन्ड में निवेश करना चाहते हैं तो आपके पास मौका है, आप 20 जून से सस्ता गोल्ड बॉन्ड खऱीद सकते हैं। आप गोल्ड बॉन्ड सभी बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, बड़े पोस्ट ऑफिस, मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, एनएसई , बीएसई से खरीद सकते हैं। याद रखें कि पेमेंट बैंक और फाइनेंस बैंकों से इसकी बिक्री नहीं की जाती है।

निवेश से पहले जानें ये खास बातें
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 4 किग्रा गोल्ड खरीद सकते हैं। वहीं अगर कोई संस्था या ट्रस्ट इसमें निवेश करती है तो वो अधिकतम 20 किलोग्राम तक खरीद सकती है। अगर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की खासियत के बारे में बताए तो आपको सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के निवेश पर बाजार से कम कीमत पर सोना खरीदने का मौका मिलती है। इस गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर 2.5 फीसदी के ब्याज भी मिलता है। वहीं निवेशकों को टैक्स में छूट मिलती है। आप इस बॉन्ड को 8 साल के बाद विड्रॉल कर सकते हैं। वहीं आपको 5 साल के बाद इसे प्रीमैच्योर विड्रॉल करने की सुविधा मिलती है।
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