Tata Group को 19 साल बाद मिला IPO में इंवेस्टमेंट का मौका, SEBI ने दी मंजूरी
TATA Technologies टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी है। TCS का पहला IPO साल 2004 में आया था। अब 19 साल बाद इसे मंजूरी मिली है।
Tata Technologies IPO: निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सेबी ने टाटा समूह को राहत देते हुए आईपीओ में पैसा लगाने की अनुमति दी है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास टाटा टेक्नोलॉजीज के आईपीओ को मंजूरी के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज दाखिल हो चुके थे। टाटा ग्रुप के शेयरधारकों के लिए ये एक बड़ी राहत की खबर है। जब वे दो दशक के भीतर निवेश का अधिक फायद उठा पाएंगे।
आईपीओ में निवेश की मंजूरी के लिए टाटा टेक ने मार्च में सेबी के पास आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे। यह इश्यू पूरी तरह से ओएफएस है। इसके तहत शेयर धारक अपने 9.57 करोड़ यूनिट तक के शेयर बिक्री कर सकेंगे, जो कि जमा शेयर पूंजी का 23.60 प्रतिशत होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक Tata Technologies के पब्लिक इश्यू में OFS के जरिए 9.57 करोड़ शेयर यानी 23.6% हिस्सेदारी बेची जानी है। जिसमें 8,11,33,706 इक्विटी शेयर टाटा मोटर्स लिमिटेड के रहेंगे। इसके अलावा एल्फा टीसी होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड अपने 97,16,853 इक्विटी शेयर बेचेगा। जबकि टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड (I) 48,58,425 शेयर OFS में बेचेगा।












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