कोरोना की तीसरी लहर आ जाए तो भी इकोनॉमी में रिकवरी जारी रहेगी: वित्त मंत्रालय
नई दिल्ली, 10 सितंबर। कोरोना वायरस महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। पिछले वर्ष देशव्यापी लॉकडाउन के बाद वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ नेगेटिव में चली गई थी, तब यह -24.4 फीसदी दर्ज की गई थी। हालांकि अब इसमें सुधार होता नजर आ रहा है। देश कोरोना वायरस की दो लहरों का सामना कर चुका है, अब तीसरी लहर को लेकर भी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा कि भले ही देश में कोविड की तीसरी लहर आ जाए फिर भी दूसरी लहर से प्रभावित भारत की इकोनॉमी रिकवरी अगली तीन तिमाहियों में तेज होगी।

वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद भी वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तीमाही में जीडीपी में 'वी' आकार के सुधार का पता चला है। पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के आंकड़ों दर्शाते हैं कि दूसरी लहर में भी जीडीपी विकास दर 20.1 फीसदी रही, जो कि चीन की ग्रोथ रेट से भी अधिक थी। वित्त मंत्रालय का कहना है कि अगर देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर आती भी है तो जीडीपी की विकास दर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने अगस्त के लिए अपनी मासिक समीक्षा में कहा, तेजी से बढ़ते टीकाकरण कवरेज और महामारी प्रबंधन के साथ समृद्ध अनुभव यह विश्वास दिलाता है कि रिकवरी तीसरी लहर की स्थिति में भी जारी रह सकती है।' हालांकि मंत्रालय ने केरल और महाराष्ट्र में कोविड के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और दोनों राज्यों में महामारी प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020-21 की दूसरी छमाही में दूसरी लहर से आर्थिक सुधार की गति बाधित हुई थी, लेकिन FY21 के क्वाटर-4 में टीकाकरण में तेजी से वृद्धि और FY22 की पहली तिमाही में उत्पादन में क्रमिक गिरावट शामिल थी। भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो दूसरी लहर के प्रकोप के बावजूद अर्थव्यवस्था की लचीली 'वी' आकार के ग्रोथ की पुष्टि करता है।












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