Gold: बिना हॉलमार्क के नहीं बेच पाएंगे घर में रखी पुरानी गोल्ड ज्वेलरी, जानिए कैसे हासिल करें हॉलमार्क
घर में रखे पुरानी गोल्ड ज्वेलरी को खरीदने और बेचने के नियम में बदलाव हो गया है। अब बिना हॉलमार्क के गोल्ड ज्वेलरी की खरीद-बिक्री नहीं की जा सकती है। इसके लिए आपको अपनी ज्वेलरी पर हॉलमार्क कराना जरूरी है।

Gold Jewellary Hall Mark: अगर आपके घर में भी पुराना गोल्ड या फिर गोल्ड ज्वेलरी रखी है, जिसपर हॉलमार्क नहीं है तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। दरअसल सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए बिना हॉलमार्क के गोल्ड की खरीद-बिकवाली को प्रतिबंधित कर दिया है।
इसको लेकर हाल ही में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। गौर करने वाली बात है कि भारत सरकार ने 16 जून 2021 से गोल्ड पर हॉलमार्क को अनिवार्य कर दिया है।
लेकिन अगर आपके पास पुराना गोल्ड या ग्लोड ज्वेलरी है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस आर्टिकल में हम आपके लिए हर समस्या का समाधान लेकर आए हैं। सरकार ने 1 अप्रैल 2023 से बिना हॉलमार्क वाले पुराने गोल्ड की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है। ऐसे में आपको अपने पुराने गोल्ड पर हॉलमार्क कराना अनिवार्य हो गया है।
क्या होता है हॉलमार्क
हॉलमार्क यानि HUID यह बेहद जरूरी होता है, इसके जरिए आपके गोल्ड की गुणवत्ता की पहचान होती है। नए नियमों के अनुसार हर गोल्ड पर यह होना अनिवार्य है। सोने की वस्तुओं पर भारतीय मानक ब्यूरो BIS का लोगो और इसकी शुद्धता की जानकारी अनिवार्य है, यानि यह दर्ज होना चाहिए कि यह वस्तु 18 कैरेट का है या 22 कैरेट का।
हॉलमार्क कराने के दो विकल्प
ऐसे में अगर आपके पास पुराने गोल्ड के सामान घर में हैं जिसपर हॉलमार्क नहीं है तो सबसे पहले आपको इसपर हॉलमार्क कराना होगा, तभी आप इसे बेच पाएंगे। ऐसे में अगर आप अपनी ज्वेलरी पर हॉलमार्क करवाना चाहते हैं तो इसके लिए दो विकल्प मुहैया कराए गए हैं।
पंजीकृत BIS ज्वेलर के पास जाएं
हॉलमार्क के लिए आपको अपनी गोल्ड की वस्तु को बीआईएस पंजीकृत ज्वेलर के पास ले जा सकते हैं, यहां आप इसपर हॉलमार्क करवा सकते हैं। यह पंजीकृत ज्वेलर आपके गोल्ड वस्तु को बीआईएस एसेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर ले जाएगा, जहां हॉलमार्किंग की जाएगी। इसके लिए ग्राहक को 45 रुपए की फीस देनी होगी।
हॉलमार्किंग सेंटर जाएं
वहीं दूसरे विकल्प की बात करें तो आप अपनी गोल्ड वस्तु को बीआईएस मान्यता प्राप्त हॉलमार्किंग सेंटर ले जा सकते हैं। यहां आप अधिकतम 5 ज्वेलरी को ले जा सकते हैं, इसके लिए आपको प्रति गोल्ड वस्तु 45 रुपए की फीस देनी होगी। वहीं 4 गोल्ड ज्वेलरी पर 200 रुपए की फीस देनी होगी।
जांच के बाद आपको एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। ऐसे में आप जब भी अपने गोल्ड के सामान को बेचने के लिए या फिर एक्सचेंज करने के लिए जाएं तो इस सर्टिफिकेट को अपने साथ ले जा सकते हैं।
इनपर नहीं लागू होगा नियम
जिन ज्वेलर का सालाना कारोबार 40 लाख रुपए तक है
जिनके पास 2 ग्राम के वजन से कम का सोना है
अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी, सरकार द्वारा बताए गए घरेलू कारोबार में इस्तेमाल होने वाले गहने पर
चिकित्सा, दंत चिकित्सा, पशु चिकित्सा, वैज्ञानिक, औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाला गोल्ड
सोने की घड़ी, फाउंटेन पेन, विशे, गहने जिनमें कुंदन, पोल्की आदि लगा हो












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