यूं ही नहीं चर्चा में है भारत की रिकॉर्ड विकास दर, जल्द ही जर्मनी-जापान होंगे पीछे
भारत की अर्थव्यवस्था पिछले कुछ सालों से काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। पिछले साल भारत युनाइटेड किंगडम को पीछे छोड़ दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था। यह उपलब्धि इसलिए काफी काफी अहम है क्योंकि यूके ने भारत पर करीबन 200 साल तक राज किया था, लेकिन भारत ने अब उसे सिर्फ 75 साल में पीछे छोड़ दिया है।
कई एक्सपर्ट का मानना है कि भारत आने वाले कुछ सालों में काफी तेजी से आगे बढ़ेगा और कुछ और देशों को पीछे छोड़ सकता है। पिछले 10 साल में भारत की रिकॉर्ड स्तर पर विकास किया है। 10 साल पहले की बात करें तो भारत दुनिया की 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था था और अब भारत पांचवे पायदान पर पहुंच गया है।

खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जब वह सत्ता में आए तो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिहाज से भारत 10वें पायदान पर था, लेकिन अब भारत पांचवे पायदान पर है। यही नहीं पीएम मोदी ने दावा किया है कि उनके अगले कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा।
दुनिया की 5 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की बात करें तो पहले पायदान पर अमेरिका आता है जिसकी अर्थव्यवस्था 2203 लाख करोड़ की है, दूसरे नंबर पर चीन है जिसकी अर्थव्यवस्था 1590 लाख करोड़ रुपए की है, तीसरे पायदान पर जापान है, जिसकी अर्थव्यवस्था 362 लाख करोड़ रुपए की है, चौथे पायदान पर जर्मनी है जिसकी अर्थव्यवस्था 353 लाख करोड़ रुपए की है, पांचवे पायदान पर भारत है जिसकी अर्थव्यवस्था 308 लाख करोड़ रुपए है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014 से 2023 के बीच ब्रिटेन की जीडीपी में 3 फीसदी, अमेरिका की जीडीपी में 54 फीसदी, फ्रांस की जीडीपी में 2 फीसदी, रूस की जीडीपी में 1 फीसदी और भारत की जीडीपी में 83 फीसदी का उछाल आया है।
मौजूदा समय में विकास दर की रफ्तार की बात करें तो अगर 6 फीसदी की रफ्तार से भी अगर भारत आगे बढ़ता है तो भारत 423 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था बन जाएगा और तीसरे पायदान पर पहुंच जाएगा। लेकिन भारत की विकास दर 7 फीसदी रहने की संभावना जाहिर की गई है, लिहाजा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना लगभग तय है।
IMF के अनुमान के मुताबिक 2023-2027 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था में 38 फीसदी का उछाल देखने को मिल सकता है जबकि जर्मनी की 15 फीसदी और जापान की 15 फीसदी रहने का अनुमान है।
क्या कहना है वित्त सचिव का
भारत की आर्थिक विकास दर की भविष्य की संभावानओं को लेकर केंद्रीय वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा कि भविष्य के लिए भारत में विकास की सबसे अधिक अवसर हैं। विकास दर को आंकड़ने के तमाम अलग-अलग तरीकों के विवादों के बावजूद भारत हर लिहाज से सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है।
सबसे तेज विकास दर भारत की होगी
दुनिया के शीर्ष चार देशों की तुलना में भारत कहीं तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुझे लगता है कि हम यह कह सकते हैं कि बाकी के शीर्ष चार देशों की विकास दर भारत की तुलना में भविष्य में कम रहेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2022-23 में 7.2 फीसदी की दर से आगे बढ़ी है, माना जा रहा है कि इस वित्त वर्ष में भी यह सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था रहेगी, बावजूद इसके कि आईएमएफ ने 6.1 फीसदी का अनुमान जताया है।
बेहतर नीति और और युवाओं की क्षमता सपना करेगी साकार
वित्त सचिव ने कहा कि अर्थव्यवस्था के आकार, विकास दर, भविष्य की संभावानाओं के लिहाज से भारत में सबसे अधिक अवर हैं, यह किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तुलना में कहीं बेहतर रफ्तार से आगे बढ़ रही है। भारत में भविष्य की सबसे ज्यादा संभावनाए हैं। मुझे उम्मीद है कि भारत की नीति और आबादी इस अवसर का बेहतर इस्तेमाल करेगी।












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