गौतम अडानी को मोदी सरकार ने दी Z सिक्योरिटी, सुरक्षा में तैनात होंगे 30 जवान, हर महीने 16 लाख का खर्च
गौतम अडानी Z सिक्योरिटी, सुरक्षा में तैनात होंगे 30 जवान, हर महीने 16 लाख का खर्च
नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्री के चैयरमैन मुकेश अंबानी के बाद अब अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी को भी केंद्र सरकार ने जेड( Z) सिक्योरिटी देने का फैसला किया है। इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्रालय ने गौतम अडानी को जे़ड कैटेगरी की सुरक्षा देने का ऐलान किया है, हालांकि गौतम अडानी सुरक्षा में आने वाले खर्च का बोझ खुद उठाएंगे। पहले ही अपहरण और आंतकी हमले का दंश झेल चुके गौतम अडानी की सुरक्षा को लेकर आईबी की रिपोर्ट के बाद सरकार ने ये फैसला लिया है।

अडानी को मिली जेड सुरक्षा
आईबी की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने अडानी ग्रुप के चेयरमैन को ये सुरक्षा देने का फैसला किया है। पिछले कुछ वर्षों से गौतम अडानी की संपत्ति में रॉकेट के रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। उनका नेटवर्थ 125 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। दुनिया के चौथे और एशिया के सबसे अमीर कारोबारी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है, जिसके बाद उन्हें सरकार ने सुरक्षा देने का फैसला किया है। आपको बता दें कि साल 1997 में एक बार उनका अपहरण हो चुका है, जबकि साल 20008 में ताज पर हुए आतंकी हमले के दौरान गौतम अडानी वगीं मौजूद थे।

जेड सुरक्षा में कितने जवान
जानकारी के मुताबिक गौतम अडानी को मिलने वाली जेड सुरक्षा में 30 से ज्यादा जवान होते हैं। ये देश की तीसरी सबसे बड़ी सुरक्षा है। इस सिक्योरिटी कैटेगरी में 4 से 6 एनएसजी (NSG) कमांडर और SPG कमांडो होते हैं। इसके अलावा स्थानीय पुलिस के जवान होते हैं। इस सुरक्षा घेरे में इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवान होते हैं। जवानों के अलावा 5 से 6 गाड़ियां होती है, जिसमें से एक बुलेटप्रूव गाड़ी होती है।

16 लाख का खर्च खुद वहन करेंगे अडानी
अडानी की जेड सिक्योरिटी पर तकरीबन 16 लाख रुपए प्रति महीने का खर्च आएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अडानी खुद इस खर्च का वहन करेंगे। आपको बता दें कि इससे पहले अंबानी और उनके परिवार को भी विशेष सुरक्षा दी गई। मुकेश अंबानी और नीते अंबानी को केंद्र सरकार ने जेड सुरक्षा दी है, लेकिन अंबानी परिवार खुद इस सुरक्षा का खर्च उठाता है।

किसे मिलती है जेड कैटेगरी सुरक्षा
जेड कैटेगरी की सुरक्षा किसे मिलेगी, इसका फैसला केंद्र सरकार करती है। गृह मंत्रालय खुफिया विभागों द्वारा मिली सूचना के आधार पर ये फैसला लेता है, कि किसे जेड या जेड प्लस सुरक्षा देनी है। जेड प्लस और अन्य तरह की सुरक्षा वीआईपी लोगों को दी जाती है। आमतौर पर केंद्र सरकार के बड़े मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को जेड प्लस सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा अगर आईबी इनपुट से किसी की जान का खतरा होने के संकेत मिलती है तो केंद्र उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाती है।
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