WPI: थोक महंगाई में भारी गिरावट दर्ज, 21 महीने में सबसे निचले स्तर पर आई, नवंबर में 5.85% पर पहुंची
थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) अक्टूबर में 8.39 प्रतिशत और सितंबर में 10.55 प्रतिशत था, जो नवंबर में 5.85% पर आ गया है।

Wholesale Inflation: देश में महंगाई को लेकर राहत भरी खबर आई है। थोक महंगाई दर (wholesale inflation rate) 21 महीनों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। नवंबर महीने में होलसेल प्राइस बेस्ड इन्फ्लेशन (WPI) 5.85% पर आ गया है। भारत सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) अक्टूबर में 8.39 प्रतिशत और सितंबर में 10.55 प्रतिशत था, जो नवंबर में 5.85% पर दर्ज किया गया है।
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) द्वारा मापी गई भारत की थोक मुद्रास्फीति नवंबर में 21 महीने के निचले स्तर 5.85 प्रतिशत पर आ गई, जो सितंबर में 10.55 प्रतिशत थी, डेटा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं। बता दें कि WPI लगातार दूसरे महीने दो अंकों के निशान से नीचे रहा। इससे पहले अप्रैल 2021 से सितंबर 2022 तक 18 महीनों के लिए WPI का आंकड़ा दो डिजिट में चल रहा था।
सरकार के एक आधिकारिक बयान के अनुसार नवंबर 2022 में महंगाई की दर में गिरावट मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं, बेसिक मेटल, कपड़ा, रसायन और रासायनिक उत्पादों और कागज और कागज उत्पादों की कीमतों में गिरावट के कारण हुई है। अक्टूबर में 17.61 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले पिछले महीने सब्जियों की कीमतों में (-) 20.08 प्रतिशत की कमी आई, जैसा कि आंकड़ों से पता चलता है। प्याज की कीमतें एक महीने पहले (-) 30.02 प्रतिशत से (-) 19.19 प्रतिशत कम हुईं और फलों की कीमतें नवंबर में (-) 1.07 प्रतिशत गिर गईं, जो इससे पहले महीने में 0.23 प्रतिशत थीं।
इस बीच सांख्यिकी मंत्रालय (ministry of statistics) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index ) पर आधारित भारत की खुदरा मुद्रास्फीति की दर पिछले महीने के दौरान नवंबर में 6.77 प्रतिशत से घटकर 5.88 प्रतिशत हो गई।












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