एशिया का ब्राइट स्पॉट बना भारत
सिंगापुर। स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया औार डिजिटल इंडिया जैसे अभियान ही हैं, जो दुनिया भर से निवेशकों को भारत की ओर आकष आकर्षित कर रहे हैं। सिंगापुर की कंपनियां भी भारत में निवेश करने में पीछे नहीं हैं और खास बात तो यह है कि सिंगापुर मीडिया ने भारत को एशिया का ब्राइट स्पॉट करार दिया है।
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भारत क्यों बना एशिया का ब्राइट स्पॉट?
- सिंगापुर की कंपनियां भारत में अब तक 15.24 बिलियन सिंगापुर डॉलर का निवेश कर चुकी हैं।
- सिंगापुर से बाहर निवेश में यह दूसरा सबसे बड़ा निवेश है।
- वर्ल्ड बैंक के डाटा के अनुसार भारत की जीडीपी को 2 ट्रिलियन यूएस डॉलर (2014 में) आने में 60 साल लगे, जबकि अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार 2021 तक भारत की जीडीपी बढ़कर 3 ट्रिलियन डॉलर हो जायेगी।
2009 में सिंगापुर से 9.56 बिलियन सिंगापुर डॉलर का निवेश हुआ, जो 2013 में 15.24 हो गया। बहुत जल्द 20 बिलियन तक जायेगा। - स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को देखते हुए सिंगापुर की तमाम कंपनियां कंस्ट्रक्शन और रिटेल के क्षेत्र में निवेश करने के लिये खड़ी हैं।
- सिंगापुर की कई कंपनियों को 60 से 70 फीसदी बिजनेस भारत से मिल रहा है, जो कि अच्छे संकेत हैं।
सिंगापुर की कंपनियों को डर तो अब भी है
जयंती मनियान (बिजनेसवुमन)- निवेश की बात करें तो सिंगापुर की कई कंपनियां भारत में निवेश करने से डरती हैं, क्योंकि उनका काम करने का तरीका और यहां के लोगों का काम करने का तरीका बिलकुल अलग है। भारत में काम करने के लिये बहुत धैर्य की जरूरत है।
विवियान सिंह (स्ट्रॉन्शियम टेक्नोलॉजी)- एक समय था जब भारत के प्रत्येक राज्य में वेयरहाउस खोलने की जरूरत पड़ती थी, अब समय बदल गया है। ई-कॉमर्स बाजार बहुत तेजी से विकसित हुआ है। अब हम आसानी से भारत में अपने प्रॉडक्ट्स बेच पाते हैं। 30 से 35 प्रतिशत बिक्री इंडिया से होती है।












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