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HDFC बैंक की पासबुक पर 1 लाख रुपए वाली इस स्टांप का क्या है असली सच

संकट में हुआ बैंक तो निकाल सकते हैं केवल 1 लाख रुपए, आखिर क्या है इस मैसेज का सच

नई दिल्ली। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक 'एचडीएफसी बैंक' को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज काफी वायरल हो रहा है। इस मैसेज में नजर आ रहा है कि एचडीएफसी बैंक के खाताधारकों की पासबुक पर बैंक की एक स्टांप लगाई जा रही है, जिसमें लिखा है, 'बैंक में जमा राशि डीआईसीजीसी के अंतर्गत बीमित है और अगर बैंक दिवालिया होता है तो बैंक के प्रत्येक जमाकर्ता को डीआईसीजीसी रुपए देने के लिए दिवालिया शोधक के जरिए बाध्यकारी है। ऐसे में बैंक के ग्राहकों को दो महीने के अंदर केवल एक लाख रुपए ही मिलेंगे, भले की खाताधारक की जमाराशि इससे ज्यादा हो।' इस मैसेज को लेकर अब एचडीएफसी बैंक की तरफ से स्पष्टीकरण दिया गया है।

एचडीएफसी बैंक ने मामले पर दी ये सफाई

एचडीएफसी बैंक ने मामले पर दी ये सफाई

एचडीएफसी बैंक ने इस मामले में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है, 'यह कोई नया सर्कुलर नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से 22 जुलाई 2017 को यह सर्कुलर जारी किया गया था और एचडीएफसी बैंक अपने ग्राहकों की पासबुक पर 'जमा धन बीमा कवर स्टांप' लगाकर आरबीआई के दिशानिर्देशों का ही कर पालन रहा है। डीआईसीजीसी (डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन) के नियमों के तहत देश के सभी बैंकों पर यह सर्कुलर लागू है।' आपको बता दें कि डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन, आरबीआई की एक सहायक इकाई है, जो बैंकों में जमा धनराशि पर एक सीमा तक सुरक्षा की गारंटी लेती है।

मैसेज देख बढ़ी लोगों की चिंताएं

मैसेज देख बढ़ी लोगों की चिंताएं

दरअसल, एचडीएफसी बैंक के ही एक ग्राहक ने 'जमा बीमा कवर स्टांप' लगी अपनी पासबुक की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, जिसके बाद यह वायरल होने लगी। इस तस्वीर के वायरल होने के साथ ही एचडीएफसी बैंक के बाकी ग्राहकों में भी घबराहट बढ़ने लगी और लोग सोशल मीडिया के जरिए अपनी चिंताएं जाहिर करने लगे। यही नहीं, लोग इस मामले की तुलना हाल ही में सामने आए पीएमसी बैंक के घोटाले से करने लगे। इसके बाद एचडीएफसी बैंक की तरफ से ट्वीट कर इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया गया।

सभी बैंकों को पहले पन्ने पर देनी होगी जानकारी

सभी बैंकों को पहले पन्ने पर देनी होगी जानकारी

एचडीएफसी बैंक ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए कहा, 'हम स्पष्ट करना चाहेंगे कि पासबुक में यह जानकारी आरबीआई के 22 जून, 2017 के सर्कुलर के आधार पर डाली गई है। इस सर्कुलर के मुताबकि सभी कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक और पेमेट बैंक को यह जानकारी अपने ग्राहकों को उनकी पासबुक के पहले पन्ने पर देनी होगी। पासबुक के ऊपर यह स्टांप आरबीआई के दिशानिर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई है।'

पीएमसी बैंक में तय हुई लिमिट

पीएमसी बैंक में तय हुई लिमिट

आपको बता दें कि हाल ही में पीएमसी बैंक (पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक) में घोटाले का एक मामला सामने आया है। इस घोटाले के सामने आने के बाद आरबीआई की तरफ से खाताधारकों के अपने बैंक खाते से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी गई है। वर्तमान में यह सीमा 40000 रुपए है। शुरुआती जांच में पाता चला है कि पीएमसी बैंक में 4355 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। जांच में ये बात भी सामने आई है कि पीएमसी बैंक के अधिकारियों ने घाटे में चल रही HDIL कंपनी में सीधे 2000 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे। पीएमसी बैंक के खाताधारक लगातार सरकार और आरबीआई से इस मामले में राहत देने की अपील कर रहे हैं।

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