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GST को गब्बर सिंह टैक्स कहना शर्मनाक, वास्तव में आम नागरिकों को दी राहत: निर्मला सीतारमण

GST Sixth Anniversary: 1 जुलाई 2017 को गुड्स एंड सर्विस टैक्स(जीएसटी) भारत में लागू हुआ था। जीएसटी ने 13 अतिरिक्त शुल्कों के साथ उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट जैसे 17 स्थानीय करों की जगह ली।

GST Sixth Anniversary: भारत में गुड्स एंड सर्विस टैक्स(जीएसटी) लागू हुए आज 6 साल पूरे हो गए। छठी वर्षगांठ के अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को इसे गब्बर सिंह टैक्स करार देने वाले आलोचकों की कड़ी आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि जीएसटी को वर्षों से अलग-अलग नामों से पुकारा जाता रहा है। हालांकि, सच तो यह है कि जीएसटी ने वास्तव में आम नागरिकों को राहत दी है। साथ ही सीतारमण ने जीएसटी के सकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला।

Nirmala Sitharaman

सीतारमण ने आगे कहा कि जीएसटी से पहले की टैक्स सिस्टम में कई तरह के टैक्स शामिल थे, जिससे व्यापक प्रभाव पड़ता था। जहां एक ही उत्पाद पर कई बार टैक्स लगाया जाता था, जिससे उत्पाद कन्ज्यूमर्स के लिए महंगा हो जाता था। जीएसटी के बाद राज्यों के राजस्व ग्राफ में भी वृद्धि हुई है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स की छठी वर्षगांठ को सीतारमण ने "एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार" बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे जीएसटी ने भारत के इकोनॉमिक ईको-सिस्टम का पोषण किया है।

जीएसटी की दर में कटौती की गई

सीतारमण ने बताया कि पिछले कुछ सालों में, कई सामान्य घरेलू वस्तुओं पर भी जीएसटी की दर में कटौती की गई है और इसे तर्कसंगत बनाया गया है। जीएसटी दरों की समय-समय पर समीक्षा की गई है। कई वस्तुओं पर जीएसटी लागू होने के समय की तुलना में दरों में और कमी की गई है। स्वास्थ्य सेवा और शैक्षिक सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन सेवाएं और कृषि सेवाएं जैसी सेवाएं भी जीएसटी से मुक्त हैं। कई सामान्य उपयोग वाली वस्तुओं और सेवाओं को पूरी तरह से जीएसटी से छूट दी गई है, जैसे कि चावल, गेहूं, आटा, दही, आदि।

6 साल पहले आया GST, बढा राजस्व

आपको बता दें कि 1 जुलाई 2017 को जीएसटी को लॉन्च किया गया था। इसने 13 अतिरिक्त शुल्कों के साथ उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट जैसे 17 स्थानीय करों की जगह ली। उस वक्त मासिक जीएसटी राजस्व 85,000-95,000 करोड़ तक था। हालांकि, समय के साथ, ये राजस्व काफी बढ़ गया है और अब लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए है, जिसमें वृद्धि जारी रहने की प्रवृत्ति है। अप्रैल 2023 में कलेक्शन 1.87 लाख करोड़ रुपए के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।

इनपर घटा GST

  • चाय, दूध पाउडर, चीनी, खाद्य वनस्पति तेल, मसाले और जूते (500 रुपये तक की कीमत) जैसी वस्तुओं पर जीएसटी के तहत 5% कर लगता है, जबकि पहले इन पर 6-10% कर लगता था।
  • फर्नीचर, लकड़ी की वस्तुएं, कई विद्युत उपकरण और घटक सूटकेस और बैग आदि जैसे सामान्य उपयोग की वस्तुओं पर 28% जीएसटी से घटाकर 18% किया गया।
  • मूंगफली और तिल की चिक्की, मूंगफली की मिठाइयां, लेबल वाले मुरमुरे, राब (गन्ना गन्ने का रस) जैसे कुछ खाद्य पदार्थों पर 18% जीएसटी से घटाकर 5% किया गया।
  • ड्रिप-सिंचाई प्रणाली, यार्न, फ्लाई ऐश ईंटें, चीनी-उबले हुए कन्फेक्शनरी जैसे खाद्य पदार्थों आदि पर 18% जीएसटी से घटाकर 12% कर दिया गया।

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