सरकार ने क्यूआर कोड के बिना जीएसटी चालान पर जुर्माने से चार महीने की दी राहत
नई दिल्ली। सरकार ने चार महीने की अवधि के लिए व्यापार से उपभोक्ता (बी2सी) लेनदेन से जुड़े बिलों के मामले में क्यू आर कोड प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माने लगाए जाने से छूट प्रदान की है। य़ह छूट 1 दिसंबर, 2020 से 31 मार्च तक चार महीने की अवधि के लिए दी गई है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग (डीओआर) के सूत्रों ने बताया कि 500 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले पंजीकृत व्यक्ति अनिवार्य डायनेमिक क्यूआर कोड के बिना चालान कर सकेंगे।

डीओआर के सूत्रों ने कहा कि सरकार यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स को लागू करने के लिए लगभग एक साल से बैंकों, विक्रेताओं और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का अनुसरण कर रही है। डीओआर द्वारा एनपीसीआई, शीर्ष बैंकों और अन्य हितधारकों के साथ परियोजना का आगे बढ़ाने के लिए कई बैठकें आयोजित की गई। इसके लिए एनपीसीआई ने जरूरी समाधान विकसित किया और तकनीकी दस्तावेजों को बैंकों के साथ साझा गया। इसके अलावा एनसीपीआई गत 6 फरवरी 2020 से बैंक प्रमाणन के लिए तैयार था, जबकि मार्च 2020 के पहले सप्ताह में यूपीआई पर जीएसटी सक्षम करने का टारगेट रखा गया था।

सूत्रों ने बताया कि सरकार कम नकदी वाले सोसाइटी बनाने के उद्देश्य के लिए पंजीकृत व्यक्तियों (व्यावसायिक फर्म) द्वारा डायनेमिक क्यूआर कोड के साथ अनिवार्य रूप से 500 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर के साथ अनिवार्य रूप से नोटिफिकेशन जारी किए गए। यह अधिसूचना 21 मार्च, 2020 तक यूपीआई और जीएसटी को सक्षम करने के लिए अपंजीकृत व्यक्तियों (ग्राहकों) को जारी किए गए चालान के संबंध 1 दिसंबर,2020 तक प्रभावी होना था।

दरसअसल, वहीं, 1 दिसंबर, 2020 से डायनेमिक क्यूआर कोड के बिना चालान जारी करने के लिए दंड का प्रावधान भी लागू किया गया था। हालांकि अधिकांश बैंक कई मीटिंग्स और एनसीपीआई से जरूरी समर्थन के बावजूद यूपीआई पर जीएसटी को सक्षम करने की अपनी तैयारियों में पिछड़ गए।
{image-_114183517 hindi.oneindia.com}
सूत्रों के मुताबिक हाल में यूपीआई पर जीएसटी सक्षमता पर नॉर्थ ब्लॉक में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इस शर्त पर 31 मार्च, 2021 तक चार महीने की अवधि के लिए दंड के प्रावधानों पर एकमुश्त छूट देने का निर्णय लिया गया था। स्टेकहोल्डर्स इस अवधि के दौरान 1 अप्रैल, 2021 तक क्यूआर कोड के साथ गो-लाइव करने के लिए जरूरी प्रक्रिया स्थापित करेंगे, जिससे यूपीआई पर जीएसटी लागू हो सके।












Click it and Unblock the Notifications