मोदी सरकार का तोहफा, आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मिली मंजूरी, खर्च होंगे 22810 करोड़, जानिए क्या होगा खास
मोदी सरकार का तोहफा, आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मिली मंजूरी, 22810 करोड़ रुपए होंगे खर्च, जानिए क्या होगा खास
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था को रास्ते पर लागने के लिए आज एक बार फिर से आत्मनिर्भर भारत पैकेट के तहत आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मंजूरी दी। सरकार ने देश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इस राहत पैकेज का ऐलान किया है। केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में इसे सरकार ने मंजूरी दे दी इस योजना पर सरकार कुल 22810 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
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आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना
मोदी सरकार ने आज हुए कैबिनेट बैठक में आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 22810 करोड़ रुपए के बजट के साथ इस योजना को आज मंजूरी दे दी है। जिसके तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में सरकार 1584 करोड़ रुपए खर्च करेगी। वहीं साल 2020 से 2023 के बीच में इस योजना पर कुल 22810 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
58.5 लाख लोगों को सीधा लाभ
सरकार की इस रोजगार योजना का लाभ देश के 58.5 लाख कर्मचारियों को होगा। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस योजना को 1 अक्टूबर 2020 को लागू माना जाएगा। योजना की जानकारी देते हुए केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि कोरोना सकंट के दौरान रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने इस नई योजना की शुरुआत की है। इस नई योजना के तहत उन कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जो या तो पहले कभी पीएफ के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे या फिर अपनी नौकरी खो चुके हैं। इस योजना का लाभ नए कर्मचारियों को मिलेगा।
क्या होगा खास
इस रोजगार योजना का लाभ नए कर्मचारियों को मिलेगा। सरकार ने कहा है कि नई नियुक्तियां करने वाले एंप्लॉयर्स को सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी। ये सब्सिडी कर्मचारी और इंप्लॉयर्स द्वारा दो साल के लिए किए गए पीएफ को कवर करने के लिए होगी। इस योजना में नए कर्मचारियों को दो साल के लिए सब्सिडी दी जाएगी। वहीं मार्च 2020 से लेकर अगले साल तक नौकरी कर रहे लोग के ईपीएफ का अंशदान सरकार देगी।












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