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बड़ी राहत: लॉकडाउन में घर खरीदने का सपना हो सकता है साकार, 15 सालों में सबसे सस्ता हुआ होम लोन

नई दिल्ली। देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान अगर आप अपना घर लेने का विचार बना रहे हैं तो यह समय बिल्कुल सही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो रेट में कटौती का ऐलान कर के घर खरीदने का रास्ता आसान कर दिया है। बता दें कि कोरोना संकट में आरबीआई द्वारा शुक्रवार को 40 बीपीएस रेपो रेट में कटौती की गई, जो कर्जदारों के लिए लगातार आठवीं राहत है। इस फैसले ने होम लोन की दरों को 15 साल में अपने सबसे निचले स्तर पर ला दिया है।

ब्याज दर लगभग 7% के आसपास

ब्याज दर लगभग 7% के आसपास

बता दें कि केंद्रीय बैंक आरबीआई ने रेपो रेट में 0.40% की कटौती का ऐलान किया जिससे होम लोन की ब्याज दर लगभग 7% के आसपास पहुंच गई है, जो बीते 15 वर्षों का निचला स्तर है। इसके अलावा कोरोना वायरस संकट में नकदी की किल्लतों का सामना कर रहे लोगों को भी बड़ी राहत देते हुए तीन महीने का अतिरिक्त मोराटोरियम दिया गया है। लॉकडाउन में जो कर्जदार पैसें की किल्लत का सामना कर रहे हैं और अभी तक उन्होंने मोराटोरियम का फायदा नहीं उठाया है तो वह तीन महीने के लिए इसका फायदा उठा सकते हैं।

30 लाख के लोन पर सिर्फ 7% ब्याज

30 लाख के लोन पर सिर्फ 7% ब्याज

उदाहरण के लिए अगर आप 15 साल की शेष परिपक्वता के साथ 30 लाख रुपये के ऋण के साथ एक घर खरीदते हैं तो उसपर शेष ब्याज लगभग 2.34 लाख रुपये होगा। ब्याज दरों में कमी के कारण इस राशि का कुछ हिस्सा माफ किया जा सकता है। मौजूदा एसबीआई होम लोन ग्राहकों के लिए 30 लाख रुपये तक की ब्याज दर मौजूदा 7.4% से घटकर 7% हो जाएगा। वहीं, 30 लाख से 75 लाख के लोन में यह 7.65% से 7.25% होगा और 75 लाख से अधिक लोन पर मौजूदा 7.75% से घटकर 7.35% हो जाएगा।

क्या है EMI मोरटोरियम

क्या है EMI मोरटोरियम

आरबीआई ने ईएमआई पेमेंट में तीन महीने की राहत दी है। इसका मतलब है कि तीन महीने तक आपको ईएमआई नहीं चुकानी है। लॉकडाउन जैसी स्थिति से गुजर रहे ग्राहक अगर 3 महीने तक अपने लोन की ईएमआई नहीं चुकाते हैं तो बैंक आप पर पेनाल्टी नहीं लगाएंगे। मोराटोरियम उस अवधि को कहते हैं जिस दौरान आपको लिए गए कर्ज पर ईएमआई का भुगतान नहीं करना पड़ता है। आप इसे EMI हॉलीडे के रूप में समझ सकते हैं। बैंकों की ओर से इस तरह की पेशकश इसलिए की जाती है , ताकि कर्जदार को अस्थायी वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने में और उससे उबरने में मदद मिलें।

यह भी पढ़ें: कौन बन सकती हैं यूपी में बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी, 58,000 महिलाओं को इस जॉब में मिलेगा कितना पैसा?

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