भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोनो वायरस का असर, मूडीज ने विकास दर घटाकर 5.4% किया
नई दिल्ली। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार की गति बेहद सुस्त रहने की आशंका जताते हुए सोमवार को जीडीपी विकास दर अनुमान में कटौती की है। एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष (2019-20) के लिए जीडीपी विकास दर अनुमान को 6.6% से घटाकर 5.4% और अगले वित्त वर्ष (2020-21) के विकास दर अनुमान को 6.7% से घटाकर 5.8% कर दिया है। बता दें चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। चीन में कोरोनावायरस से रविवार को 142 और लोगों की मौत हो गई। इससे मरने वालों की कुल संख्या 1775 हो गई है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि हाल में आए वित्तीय आंकड़ों में सुधार दिखा, जो यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था आगे चलकर पटरी पर लौट सकती है। एजेंसी ने कहा, 'चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार दिखना शुरू हो सकता है, लेकिन इसकी रफ्तार पहले के अनुमान की तुलना में कम होगी।' मूडीज ने कहा, 'हाल के पीएमआई जैसे आंकड़ों से यह तो पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता आई है और मौजूदा तिमाही में सुधार होने लगा है, लेकिन हमें लगता है कि अब सुधार पहले की उम्मीद से कम रफ्तार से होगा। इसलिए हमने अपना ग्रोथ अनुमान 2020 के लिए 5.4 फीसदी और 2021 के लिए 5.8 फीसदी कर दिया है।
दूसरी तिमाही में ग्रोथ घटकर 4.5% पर आई
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही में जीडीपी 4.5 फीसदी पर पहुंच गई थी। यह छह साल की सबसे बड़ी गिरावट रही है। जुलाई-सितंबर के ये आंकड़े पहली तिमाही की जीडीपी से भी कम थे। पहली तिमाही में जीडीपी 5 फीसदी दर्ज की गई थी। वहीं राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने चालू वित्त वर्ष यानी 2019-20 में जीडीपी ग्रोथ सिर्फ 5% रहने का अनुमान लगाया है। ये साल 2008 की अंतरराष्ट्रीय मंदी के दौर के बाद की सबसे कम जीडीपी ग्रोथ हो सकती है।












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