बिटकॉइन के सामने चीनी चुनौती, युआन का डिजिटल टोकन लॉन्च करने की तैयारी
नई दिल्ली। बिटकॉइन अपनी अनिश्चितता के चलते मुख्य धारा के बाजार में एंट्री की लड़ाई लड़ रहा हैं वहीं अब दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के लिए चीन से बड़ी मुश्किल खड़ी होने वाली है। दरअसल दुनिया में अपना प्रभुत्व स्थापिक करने की फिराक में बैठा चीन समझ रहा है कि आर्थिक मोर्चे पर कब्जा करके ही दुनिया पर राज किया जा सकता है। यही वजह है कि चीन बिटकॉइन की तरह से अपनी मुद्रा युआन की डिजिटल करेंसी लांच करने की तैयारी कर रहा है।

चीन की इस चाल के पीछे की वजह बताते हुए क्रिप्टो बाजार निर्माता और बी2 सी2 जापान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिलिप गिलेस्पी बताते हैं कि अगर अधिकारी वर्चुअल युआन के अंतिम रोलआउट के समय नियमों को कड़ा कर देते हैं तो क्रिप्टोकरेंसी का चीनी संस्करण तेजी से बाजार में जगह बना सकता है।
गिलेस्पी कहते हैं कि "एक बार जब युआन लॉन्च हो जाएगी तो क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए ये सबसे बड़ा जोखिम साबित होगी।"
युआन के लिए जगह बना रहा चीन
अभी हाल में ही कुछ दिन पहले चीन ने अपने अंतर्गत आने वाले इनर मंगोलिया प्रांत में क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग पर रोक लगा दी थी। चीन ने इसके लिए इसके लिए क्रिप्टोकरेंस माइनिंग में लगने वाली बड़ी मात्रा में ऊर्जा खपत को रोकना वजह बताया था। इनर मंगोलिया में पॉवर सप्लाई सस्ती होने की वजह से यह क्षेत्र क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के लिए बहुत प्रसिद्ध है। लेकिन अब चीन के यहां माइनिंग पर रोक लगाने की असली वजह साफ हो रही है। दरअसल चीन खुद युआन का डिजिटल वर्जन लॉन्च करने की तैयारी है।
केंद्रीय बैंकों के पास वर्चुअल करेंसी को जारी करने और प्रतिद्वंद्वियों को बाहर करने की शक्ति होना क्रिप्टोकरेंसी बाजार क्षेत्र के लिए सबसे प्रमुख जोखिमों में एक है। चीनी नागरिकों को पहले ही युवान के बदले डिजिटल टोकन पर रोक है। हालांकि एक दूसरे डिजिटल टोकन टीथर के जरिए ये चोरी से ये किया जा रहा है।
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने कानून में एक प्रावधान जोड़ा है जिसमें व्यक्तियों और संस्थाओं को टोकन बनाने और बेचने से प्रतिबंधित किया गया है। इसे चीन की करेंसी युआन को वर्चुअल संस्करण के लिए मंच तैयार करने के रूप में ही देखा जा रहा है।












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