Budget 2026 ITR Deadline: अब ITR 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक भरें, New Vs Old Tax Regime में क्या अंतर?
Budget 2026 ITR Deadline: 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। टैक्सपेयर्स के लिए सबसे बड़ी राहत रही कि रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न (Revised ITR) फाइल करने की डेडलाइन अब 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दी गई है (नॉमिनल फी के साथ)।
टैक्स स्लैब्स, रेट्स और सेक्शन 87A रिबेट में कोई बदलाव नहीं हुआ। पिछले बजट (2025) में न्यू रिजीम को काफी आकर्षक बनाया गया था, इसलिए इस बार सरकार ने सिम्प्लिफिकेशन पर फोकस किया। आइए विस्तार से समझते हैं- क्या बदला, क्या वही रहा, और आपके लिए क्या मतलब है...

1. रिवाइज्ड ITR फाइलिंग डेडलाइन में बड़ा बदलाव (Major Change ITR Filing Deadline)
पहले: रिवाइज्ड रिटर्न (Original या Belated) 31 दिसंबर तक फाइल कर सकते थे (बिना एक्स्ट्रा फी के)।
अब (बजट 2026 से): 31 मार्च तक एक्सटेंड कर दिया गया।
शर्त: 31 दिसंबर के बाद फाइल करने पर नॉमिनल फी लगेगी:-
- अगर टैक्सेबल इनकम ₹5 लाख तक - ₹1,000 फी।
- अगर ₹5 लाख से ज्यादा- ₹5,000 फी।
- फायदा: टैक्सपेयर्स को ज्यादा समय मिलेगा गलतियां सुधारने के लिए (जैसे फॉरेन क्रेडिट क्लेम, TDS मिसमैच आदि)। यह कंप्लायंस को आसान बनाएगा।
अन्य ITR डेडलाइन्स:
- ITR-1 और ITR-2 (सैलरीड/सिम्पल केस) - 31 जुलाई तक।
- नॉन-ऑडिट बिजनेस/ट्रस्ट - 31 अगस्त तक (स्टैगर्ड)।
- कुल मिलाकर: टैक्स फाइलिंग अब ज्यादा फ्लेक्सिबल और यूजर-फ्रेंडली।
2. टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं - स्लैब्स वही रहे
बजट 2026 में न्यू टैक्स रिजीम और पुरानी टैक्स रिजीम दोनों के स्लैब्स, रेट्स और रिबेट में कोई चेंज नहीं। पिछले साल (बजट 2025) में न्यू रिजीम को बहुत आकर्षक बनाया गया था, इसलिए इस बार स्टेबिलिटी दी गई।
- न्यू टैक्स रिजीम (डिफॉल्ट, कम डिडक्शन लेकिन लोअर रेट्स)
- बेसिक एग्जेम्प्शन: ₹4 लाख तक - 0% टैक्स।
स्लैब्स (FY 2026-27 के लिए):
| क्रमांक | इनकम स्लैब (₹) | टैक्स रेट (%) |
|---|---|---|
| 1 | 0 - 4 लाख | 0% |
| 2 | 4 लाख - 8 लाख | 5% |
| 3 | 8 लाख - 12 लाख | 10% |
| 4 | 12 लाख - 16 लाख | 15% |
| 5 | 16 लाख - 20 लाख | 20% |
| 6 | 20 लाख - 24 लाख | 25% |
| 7 | 24 लाख से ऊपर | 30% |
सेक्शन 87A रिबेट: ₹60,000 तक (सैलरीड के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 के साथ प्रभावी टैक्स-फ्री लिमिट ₹12.75 लाख तक)।
₹12 लाख तक टैक्स कैसे जीरो?
- कैलकुलेशन: ₹4-8 लाख पर 5% = ₹20,000 + ₹8-12 लाख पर 10% = ₹40,000 - कुल ₹60,000 टैक्स।
- रिबेट ₹60,000 - नेट टैक्स = ₹0।
- ₹12 लाख + ₹1 पर: रिबेट नहीं मिलता- पूरा टैक्स देय (छोटी सी इनकम पर भी)।
- फायदा: डिडक्शन कम (80C, HRA आदि नहीं), लेकिन रेट्स लो और सिम्पल। ज्यादातर सैलरीड लोगों के लिए बेहतर।
पुरानी टैक्स रिजीम (ज्यादा डिडक्शन लेकिन हाई रेट्स)-Old Tax Regime
- बेसिक एग्जेम्प्शन: ₹2.5 लाख तक - 0% टैक्स।
- स्लैब्स:
| क्रमांक | इनकम स्लैब (₹) | टैक्स रेट (%) |
|---|---|---|
| 1 | 0 - 2.5 लाख | 0% |
| 2 | 2.5 लाख - 5 लाख | 5% |
| 3 | 5 लाख - 10 लाख | 20% |
| 4 | 10 लाख से ऊपर | 30% |
- सेक्शन 87A रिबेट: ₹12,500 तक (₹5 लाख तक इनकम पर टैक्स जीरो)।
- ₹5 लाख तक टैक्स कैसे जीरो? ₹2.5-5 लाख पर 5% = ₹12,500 टैक्स - रिबेट से जीरो।
₹5 लाख + ₹1 पर: रिबेट नहीं - पूरा टैक्स।
- डिडक्शन: स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 + 80C (₹1.5 लाख), HRA, होम लोन इंटरेस्ट, 80D आदि।
- फायदा: अगर इन्वेस्टमेंट ज्यादा (PPF, ELSS, होम लोन आदि) तो पुरानी रिजीम बेहतर।
3. न्यू vs पुरानी रिजीम: कौन सी चुनें? (तुलना पॉइंटर्स)-New Vs Old Regime
टैक्स-फ्री लिमिट:
- न्यू: ₹12 लाख (सैलरीड के लिए ₹12.75 लाख)।
- पुरानी: ₹5 लाख (डिडक्शन के साथ ज्यादा हो सकती है)।
- रेट्स: न्यू में रेट्स कम और ज्यादा स्लैब्स - मिडिल इनकम पर फायदेमंद।
- डिडक्शन: पुरानी में ज्यादा ऑप्शन (80C, 80D आदि)।
- डिफॉल्ट: न्यू रिजीम (अगर नहीं चुनें तो ऑटो न्यू)।
- सीनियर सिटीजन: न्यू में बेसिक ₹4 लाख, पुरानी में ₹3 लाख (60-80 साल) या ₹5 लाख (80+)।
- क्यों कोई बदलाव नहीं?: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिछले बजट में न्यू रिजीम को 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख किया गया था। सरकार अब सिम्प्लिफिकेशन और कंप्लायंस आसान बनाने पर फोकस कर रही है (नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 अप्रैल 2026 से लागू)।
आपके लिए क्या मतलब?
- रिवाइज्ड रिटर्न: अब 31 मार्च तक समय - गलती सुधारने में आसानी।
- टैक्स स्लैब्स: वही रहे - कोई राहत/बढ़ोतरी नहीं।
- सैलरीड लोग: न्यू रिजीम चुनें (₹12.75 लाख तक जीरो टैक्स)।
- इन्वेस्टर/होम लोन वाले: पुरानी रिजीम चेक करें - डिडक्शन से ज्यादा बचत।
- ITR फाइल करते समय रिजीम चुनने का ऑप्शन रहेगा।
बजट 2026 टैक्सपेयर्स के लिए स्टेबल और प्रैक्टिकल रहा - कोई बड़ा झटका नहीं, बस कंप्लायंस आसान! अगर आपकी इनकम ₹12 लाख के आसपास है, तो न्यू रिजीम से फायदा। कैलकुलेटर यूज करके चेक करें।












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