Dhanteras 2019: धनतेरस पर सोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! बदलने जा रहा है ये नियम, सरकार ने दी मंजूरी
Dhanteras 2019: धनतेरस पर सोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! बदलने जा रहा है ये नियम, सरकार ने दी मंजूरी
नई दिल्ली। धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदने से पहले आपके लिए एक और खुशखबरी है। सोने-चांदी की खरीद से संबंधित एक बड़े नियम में बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने सोने-चांदी की खरीद के नियम में बदलाव को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इस नियम को लागू कर दिया जाएगा। खास बात ये कि इस नियम के लागू होने के बाद आपको सिर्ख खरा सोना मिलेगा। सोने-चांदी की खरीद में ठगी की आशंका खत्म हो जाएगी। दरअसल सरकार सोने-चांदी के लिए हॉलमार्क को अनिवार्य कर रही है। वाणिज्य मंत्रालय ने सोने की ज्वेलरी के लिए बीआईएस हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को 1 अक्टूबर को पास कर दिया था, जिसके बाद इस प्रस्ताव को फिलहाल विश्व व्यापार संगठन (WTO) को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही इसे देखभर में लागू कर दिया जाएगा।

बदलने वाला है सोने से जुड़ा ये नियम
सोने-चांदी की खरीद के लिए सरकार हॉलमार्क को अनिवार्य कर रही है। इसकी अनिवार्यता के बाद आपको बाजार में सिर्फ खरा सोना मिलेगा। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी कर दिया है। अगर डब्ल्यूटीओ को इसकी सूचना दे देता है तो अगले दो महीनों के भीतर इसे देशभर में लागू कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि मौजूदा समय में सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग करना स्वैच्छिक है, लेकिन नियम लागू होने के बाद ये अनिवार्य हो जाएगा।

क्यों जरूरी है सोने की हॉलमार्किंग
सोने की हॉलमार्किंग का मतलब है उसकी शुद्धता का प्रमाण है। अगर आप सोना खरीद रहे हैं और उसपर BIS हॉलमार्क है तो मतलब आपका सोना खरा सोना है। आप बिना टेंशन के उस सोने को खरीद सकते हैं। फिलहाल ज्वेलर्स के लिए यह नियम स्वैच्छिक है। इस नियम के तहत ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) की तरफ से गोल्ड ज्वेलरी पर हॉलमार्क का निशान दिया जाता है, जो इस बात का प्रमाण होता है कि सोने की शुद्धता की जांच लाइसेंसधारक लैब में की गई है। आपको बता दें कि BIS देश में एकमात्र एजेंसी है, जिसे सोने की गहनों को जांचने और हॉलमार्किंग देने की मंजूरी मिली है। फिलहाल देशभर में सिर्फ 40 प्रतिशत ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग की जाती है।

आपके लिए फायदे की खबर
हॉलमार्किंग होने से सोने की शुद्धता की गारंटी मिल जाएगी। आपको बता दें कि देश के ज्यादातर हिस्सों में ग्राहकों को 22 कैरेट के बजाय 21 कैरेट का सोना बेचा जाता है और उनसे 22 या 24 कैरेट गोल्ड का रेट वसूला जाता है। नए नियम लागू होने के बाद ज्वैलर्स ऐसा नहीं कर सकेंगे। सही हॉलमार्क नहीं होने पर ज्वैलर्स को नोटिस भेजा जाएगा। मौजूदा समय में देश भर में लगभग 800 हॉलमार्किंग केंद्र हैं। नए नियम के लागू होने के बाद आपको आसानी से पता चल जाएगा कि गहने में कितना सोना लगा है और कितना मेटल। इससे आपको कीमत आंकने में आसानी होगी।












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