Afghanistan: तालिबान के कब्जे के बाद बदल गया हवाई सफर, महंगा होगा फ्लाइट टिकट
नई दिल्ली। तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। तालिबान के कब्जे के बाद से वहां की स्थिति क्या होगी, इसका किसी को अंदाजा नहीं है। लोगों में अफरा-तफरी मची हुई है। लोग जान बचाने के लिए भाग रहे हैं। हवाई अड्डों पर भीड़ और भगदड़ मची है। अफगानिस्तान की हलचल पर दुनियाभर की निगाहें टिकी है। तालिबान के कब्जे के बाद से वहां का व्यापार प्रभावित है, निवेशकों में खौफ का माहौल है तो वहीं हवाई सफर पर भी असर पड़ने वाला है।

तालिबान के कब्जे के बाद बदल जाएगा हवाई सफर
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से यहां का हवाई सफर बदल जाएगा। भारत और एशिया से यूरोप जाने वाले हवाई यात्राओं पर बड़ा असर पड़ा है । वहीं एविएशन जानकारों के मुताबिक अफगानिस्तान में आई इस हलचल का असर हवाई किराए पर पड़ेगा। फ्लाइट टिकटों के दामों में बढ़ोतरी होगी। काबुल एयरपोर्ट पर 12 इंटरनेशनल एयरलाइंस उड़ानें भरती हैं, इन 12 एयरलाइंस की डायरेक्टर एयर सर्विस काबुल से है और सैकड़ों विमान अफगानिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल करती है। चूंकि अब ये एयरस्पेस सुरक्षित नहीं है, इसलिए एयरलाइंस को रूट का बदलाव करना पड़ता है।
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तालिबान के कब्जे के बाद अब ये एयरस्पेस सुरक्षित नहीं रह गया है, जिसके चलते एयरलाइन्स को अपना रूट बदलना पड़ रहा है। रूट में बदलाव के कारण किराए में बढ़ोतरी होने की संभावना है। तालिबान के कब्जे के बाद से खासकर एशिया और यूरोप के बीच जितनी भी फ्लाइट चलती हैं, जो कि अधिकांश तौर पर अफगानिस्तान एयर स्पेस का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें अब अपना रूट बदलना पड़ रहा है।
रूट बदलने के चलते यूरोप, एशिया जाने वाले फ्लाइटों का किराया बढ़ सकता है। चूंकि विमान कंपनियां अफगान एयरस्पेस के बजाए गल्फ रूट या फिर ईरान एयर रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। रूट बदलने के कारण यात्रा में लगने वाला समय भी बढ़ रहा है। रूट बदल जाता है तो वहीं फ्यूज चार्ज में बढ़ोतरी हो रही है। जिन सबका असर विमान किराए पर पड़ना तय है।












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