मोदी सरकार का सख्त फैसला, Aadhaar अनिवार्यता खत्म, जबरन मांगा आधार नंबर तो जाना होगा जेल
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने आधार की अनिवार्यता को लेकर सख्त फैसला लिया है। सरकार ने आधार कार्ड की अनिवार्यता को खत्म करते हुए इसे बैंक या मोबाइल से लिंक करने की जरूरत को समाप्त कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में The Aadhaar and Other Laws (Amendment) Bill, 2019 को मंजूरी मिल गई है। इस विधेयक को संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।

आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म
मोदी सरकार ने आधार कार्ड की अनिवार्यता को खत्म करने का फैसला किया है। अब आपको बैंक अकाउंट खुलवाने या फिर मोबाइल कनेक्शन लेने के लिए आधार कार्ड देने की जरूरत नहीं है। सरकार ने जबरन आधार मांगने पर सजा का प्रावधान पर निर्धारित किया है, जिसके तहत जुर्माना और सजा का प्रावधान है।

1 करोड़ का जुर्माना, 3 साल की जेल
आपको बता दें कि यदि किसी कंपनी या फिर किसी भी संस्था की ओर से जबरदस्ती आधार कार्ड मांगा जाता है तो ऐसा करने पर 1 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। इतना ही नहीं हर दिन 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके अलावा आधार का गलत इस्तेमाल पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना और 3 साल की कैद का प्रावधान है।

आधार को लेकर सख्त कानून
सरकार ने साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति को आधार के जरिए अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। हालांकि संसद की ओर से बनाए गए कानून के तहत कुछ मामलों में अपनी पहचान के लिए आधार पेश करना जरूरी होगा। लोगों को अब बैंक खाता खोलने के लिए आधार दिखाना जरूरी नहीं होगा और मोबाइल सिम के लिए आधार देना अनिवार्य नहीं होगा। वहीं बच्चों को 18 साल के बाद अपना आधार नंबर रद्द कराने का भी अधिकार है। इस अधिनियम के तहत आधार एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 1 करोड़ रुपये तक की सिविल पेनल्टी लगाई जा सकती है।












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