5 Day Banking लागू होने पर होंगे ये बड़े बदलाव, ग्राहकों को मिलेगा ऐसे समाधान
5 Day Banking: बैंकों में पांच दिन के कार्य-दिवस की लंबे समय से मांग उठ रही है। पिछले कुछ समय से यह मांग और जोर पकड़ रही है। ऐसे में जब पांच दिन का कार्य दिवस होगा तो इससे बैंकिंग अनुभव पर काफी असर देखने को मिलेगा।
बैंकिंग सेक्टर में पांच दिन का कार्य-दिवस का मुख्य मकसद बैंक कर्मचारियों के जीवन संतुलन को बेहतर करना है। लेकिन इसका असर ग्राहकों पर काफी पड़ने वाला है। लिहाजा देखने वाली बात यह है कि पांच दिन का कार्य दिवस हो जाने पर ग्राहकों पर इसका क्या असर होगा।

भारतीय बैंक संघ यानि आईबीए और बैंक यूनियनों के बीच इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। हालांकि इसपर सरकारी मुहर अभी नहीं लगी है। लेकिन सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद बैंकिंग सेवाओं में काफी बदलाव आ सकता है।
बैंक कार्य दिवस पांच दिवस हो जाने पर ग्राहकों की लंबी लाइन लग सकती है और बैंकिंग सेवाओं पर पर भी असर पड़ेगा। ऐसे में इसको लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि ऐसे स्थिति में ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल एप्लिकेशन पर अधिक जोर दिया जाएगा और लोगों को इन दोनों के जरिए बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी।
कार्य दिवस कम होने पर होने वाली समस्याओं का निपटारा करने के लिए माना जा रहा है कि बैंकिंग के घंटों में बदलाव हो सकता है। डिजिटल और एटीएम सेवाओं का भी विस्तार किया जा सकता है। रिपोर्ट की मानें तो बैंकिंग के समय को सुबह 9.45 बजे से शाम 5.30 बजे तक किया जा सकता है।
मौजूदा समय में बैंक कर्मचारी वैकल्पिक शनिवार को काम करते हैं। बैंक हर महीने पहले र तीसरे शनिवार को खुले रहते हैं। इस दिन बैंक कर्मी वैकल्पिक सेवाएं देते हैं। माना जा रहा है कि पांच कार्य दिवस होने पर अप्वाइंटमेंट सिस्टम की शुरुआत हो सकती है।
इसके अलावा पांच कार्य दिवस हो जाने पर ट्रांजैक्शन, अकाउंट मैनेजमेंट, ऑनलाइन बैंकिंग के इस्तेमाल में बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही ऑन द गो बैंकिंग की जरूरतों के लिए मोबाइल एप्स का अधिक इस्तेमाल किया जा सकता है।












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