खाना बनाने वाले वाले गैस सिलेंडर का रंग क्यों होता है लाल? हर देश ने चुन रखा है अलग कलर
नई दिल्ली, 14 जुलाई: भारत में लगभग हर घर में खाना बनाने के लिए एपीजी गैस का उपयोग होता है। देश में एलपीजी वितरण का काम कई कंपनियां करती हैं, लेकिन इन सब में एक बात कॉमन होती है। वह है इसके द्वारा ग्राहकों को दिए जाने जाने वाले सिलेंडिर की डिजाइन और उसका रंग। भारत में घरेलू उपयोग में इस्तेमाल किए जाने वाले सिलेंडर का रंग लाल होता है। वैसे हर देश में सिलिंडर का रंग अलग-अलग होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि, सिलेंडर का रंग लाल क्यों होता है। इसे लाल कलर से रंगे जाने के पीछे की वजह क्या हो सकती है। आज हम आपको इन्ही सारे सवालों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

घरेलू सिलेंडर का लाल रंग ही क्यों?
आमतौर पर घर में इस्तेमाल किया जाने वाले सिलेंडर लाल रंग के होते हैं। व्यापारिक इस्तेमाल वाले सिलिंडर नीले रंग के होते हैं। उसके बीच में लाल रंग की पट्टी होती है। भारत में सिलिंडर के लाल रंग की कोई खास वजह नहीं है। फिर भी माना जाता है कि दृश्य स्पेक्ट्रम में लाल रंग के प्रकाश की तरंगदैर्घ्य सबसे अधिक होती है। इसलिए सिलेंडर को लाल रंग से पोता जाता है। लाल रंग की वजह से ये दूर से भी दिखाई देता है। लाल रंग का प्रयोग किसी भी ऐसी चीज के लिए किया जाता है जो खतरनाक हो। एलपीजी ज्वलनशील गैस होती है और इसके परिवहन में खतरा है। लाल रंग को दूर से देखा जा सकता है।

क्या हर सिलेंडर अलग वजन का होता है?
भारत में मिलने वाले खाली सिलिंडर का वजन करीब 15.3 किलोग्राम होता है। इसमें 14.2 किलोग्राम गैस भरी होती है। इस तरह से कुल वजन 29.5 किलोग्राम हो जाता है। लेकिन अलग-अलग कंपनी के सिलिंडर का वजन अलग भी हो सकता है। इसके अलावा सिलिंडर के ऊपरी हिस्से में A, B, C, D के साथ कोई संख्या लिखी होती है। सभी सिलिंडर में इंग्लिश के सिर्फ ये चार अक्षर ही इस्तेमाल होते हैं और ये महीने का सूचक होते हैं। ये संख्याएं उस सिलेंडर का एक्सपायरी डेट बताती हैं।

कैसे पता करें आपका सिलेंडर कब हो रहा है एक्सपायर?
जिस गैस सिलेंडर की पट्टी पर A लिखा रहता है, इसका मतलब है कि सिलिंडर की एक्सपायरी डेट पहली तिमाही यानी जनवरी से लेकर मार्च के बाद है। जिस पर B लिखा होता है उसका मतलब दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से जून तक है। जिस पर C लिखा होता है इसका मतलब तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर तक जिस पर D लिखा होता है इसका मतलब चौथी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर तक। बाकी इसके साथ जो संख्या लिखी रहती है, वह साल का संकेत है।

हर देश में अलग होता एलपीजी सिलेंडर का रंग
भारत में जहां एलपीजी के लिए लाल सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं चीन में एलपीजी गैस हरे रंग के सिलेंडर में भरी जाती है। इसके अलावा सिंगापुर, श्रीलंका नीले रंग के एलपीजी सिलेंडर का इस्तेंमाल किया जाता है। वहीं भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लदेश में एलपीजी सिलेंडर का रंग नारंगी होता है। थाईलैंड समेत कई देशों में ग्रे कलर का एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल होता है। अमेरिका में घरेलू गैस को प्रोपीन कहा जाता है। ये भूरे रंग के सिलेंडर में दी जाती है।वहीं ब्रिटेन में खाना बनाने वाले गैस सिलेंडर का रंग मैरून होता है।

हर गैस के लिए होता है अलग रंग का सिलेंडर
1-सफेद रंग के सिलेंडर में ऑक्सीजन गैस होती है।
2-ग्रे कलर के सिलेंडर में कार्बन डाइऑक्साइड होती है।
3-काले रंग के सिलेंडर में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है।
4-ब्राउन यानी भूरे रंग के सिलेंडर में हीलियम गैस भरी जाती है।
5- नीले रंग के सिलेंडर में नाइट्रस ऑक्साइड गैस भरी जाती है।
6- लाल रंग के सिलेंडर में एलपीजी यानी लिक्वेफाइड पैट्रोलियम गैस भरी जाती है।












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