जिसको लोग मान रहे थे 'नर्क का दरवाजा', वैज्ञानिकों ने बताई उसके खुलने की वजह
नई दिल्ली: हाल ही में चिली की माइनिंग साइट पर एक रहस्यमयी गड्ढा हो गया, जिसे लोग 'नर्क का दरवाजा' बता रहे थे। ये लगातार आसपास की मिट्टी और अन्य चीजों को निगल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल जियोलॉजी एंड माइनिंग सर्विस ने जांच शुरू कर दी थी, जिसको लेकर अब नए खुलासे हो रहे हैं।

200 मीटर गहरा
ये गड्डा उत्तरी चिली के टिएरा अमरिला टाउन के पास बना है। वो जगह खदानों के लिए फेमस है। इसकी गहराई 200 मीटर के आसपास हो गई है। इसके अलावा चौड़ाई भी बढ़ती जा रही। ये रहस्यमयी गड्ढा खनन वाले इलाके में है, जहां पर एक कनाडाई कंपनी खनन कर रही थी। इसके अंदर पानी होने की बात भी सामने आई है।

ये है वजह
प्रारंभिक जांच के मुताबिक इस रहस्यमयी संरचना के पीछे का सटीक कारण अनिश्चित है, लेकिन मान जा रहा कि ये भारी खनन की वजह से हुआ है। चिली दुनिया का सबसे बड़ा तांबा उत्पादक है, जो वैश्विक आपूर्ति का एक चौथाई सप्लाई करता है। ऐसे में ये गड्ढा ज्यादा खनन की वजह से हुआ है, लेकिन इस दावे की सटीकता के लिए अभी और जांच की जरूरत है।

कठोर प्रतिबंध लगेंगे
चिली के खनन मंत्री मार्सेला हर्नोंडो के मुताबिक सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है, ऐसे में इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अभी इस खदान का 80 प्रतिशत मालिकाना हक कनाडा की फर्म लुंडिन माइनिंग के पास है, जबकि 20 प्रतिशत जापान के सुमितोमो धातु खनन और सुमितोमो निगम के हाथों में है। आशंका जताई जा रही कि खनन के लिए जिम्मेदार लोगों ने इस इलाके का ज्यादा दोहन कर लिया।

नहीं हुआ था नुकसान
जिस इलाके में ये गड्ढा हुआ, वहां आसपास आबादी नहीं है और ये इलाका सिर्फ खनन के लिए है। ऐसे में घटना के वक्त वहां पर जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था। वहीं खनन कंपनी ने बताया कि उसके उपकरण भी सुरक्षित और स्थिर हैं।












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