भारत में भी है शादी से पहले हनीमून मनाने की पवित्र परंपरा!
बस्तर। आपने कभी सोचा है कि शादी से पहले किसी को हनीमून का मौका मिल सकता है। जी हां यह विेदेश में नहीं बल्कि भारत में ऐसी जगह है जहां पर शादी से पहले होने वाले दुल्हे को हनीमून मनाने का मौका मिलता है।
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छत्तीसगढ़ में बस्तर में एक ऐसी जनजाति है जहां शादी से पहले हनीमून की इजाजत दी जाती है। यह परंपरा गोंड जनजाति में प्रचलित है जिसे काफी पवित्र भी माना जाता है।
गोंड़ जनजाति के लोग मुख्यरूप से छत्तीसगढ़ व झारखंड के जंगलों में पायी जाती है। इस परंपरा को घोटुल के नाम से जाना जाता है। अब स्लाइडर (तस्वीरें केवल सांकेतिक हैं) में पढ़ें इस परंपरा से जुड़ी खास बातें-

गृहस्थी की दी जाती है शिक्षा
इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य है किशोरों को शिक्षित करना। इस परंपरा के जरिए घर गृहस्थी सहित तमाम जिम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करना है।

अलग नाम से बुलाते हैा लड़के-लड़की को
इस परंपरा के अंतर्गत लड़के को चेलिक और लड़की को ममोटियार कहा जाता है।

लिंगो देव ने शुरु की थी परंपरा
माना जाता है कि इस परंपरा को लिंगो पने यानि कि लिंगो देव ने शुरु की थी, जिन्हें गोंड जनजाति का भगवान माना जाता है।

झोपड़ियों में रहते हैं बच्चे
इस परंपरा के तहत बस्ती के बाहर झोपड़ियां बनवायी जाती हैं जहां बच्चों को शिक्षा दी जाती है।

कभी नहीं होता है रेप
परंपरा के जानकारों की मानें तो इसके चलते इस प्रजाति में आज तक किसी भी बलात्कार की घटना नहीं हुई है।












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