'पृथ्वी गोल नहीं सपाट है', साबित करने के लिए नौसेना में शामिल हुआ शख्स, आखिर में मिला ये जवाब
नई दिल्ली, 9 जुलाई: साइंस ने काफी तरक्की कर ली है, लेकिन आज भी अंतरिक्ष और पृथ्वी से जुड़े कई सवाल अनसुलझे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा दशकों से पृथ्वी की बनावट को लेकर होती आ रही है। ज्यादातर वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी गोलाकार है, जिससे जुड़े सैकड़ों सबूत भी मौजूद हैं, लेकिन कुछ लोग पृथ्वी को सपाट मानते हैं। उनको सबूत और तथ्यों के आधार पर समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वो अपनी बात पर अडिग रहे।

साल की शुरुआत में अजीब मामला
इस साल की शुरुआत में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था। जहां 37 वर्षीय इथर के दोस्त उसे पृथ्वी के सपाट होने की थ्योरी रोज बताया करते थे। एक दिन वो बहुत ज्यादा तंग हो गया। इसके बाद उसने ऑनलाइन पैसे इकट्ठा करने का अभियान चलाया। जिसमें 2.5 करोड़ रुपये इकट्ठा हो गए। इस पैसे को इथर ने इसलिए इकट्ठा किया था, ताकि वो अपने चपटी थ्योरी देने वाले दोस्तों को अंतरिक्ष की यात्रा पर भेज सके। साथ ही उन्हें ये दिखा सके की पृथ्वी गोल है। ये मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब एक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।
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नौसेना अधिकारी की नई थ्योरी
अब Reddit Post में एक नौसेना अधिकारी ने बिना नाम बताए खुलासा किया है कि उनका एक साथी मानता था कि पृथ्वी गोल नहीं बल्कि सपाट है। इसके लिए उसने एक बड़ा कदम उठाया और वो नौसेना में शामिल हो गया। उसको लग रहा था कि जिस जहाज पर वो काम करता है, वो एक दिन उसे पृथ्वी के कोने तक ले जाएगा। इसके साथ ही उसे अपनी थ्योरी का सौद्धांतिक प्रमाण भी मिल जाएगा। हर दिन वो जहाजों के स्थान, गति, टॉपिक, आदि को चार्ट पर लिखता था, ताकि वो उनके रास्ते का नक्शा बना सके।

मिला ये जवाब
काफी लंबी रिसर्च के बाद एक दिन उसे एहसास हुआ कि अगर पृथ्वी सपाट होती तो जिस पथ पर जहाज ने यात्रा की वो असंभव होता। इसके लिए उसने बकायदा दूरी और स्पीड की गणना भी की। एक दिन एक अन्य अधिकारी ने उसे दूरबीन दी और वक्रता की ओर इशारा किया। उसने उससे कहा कि पृथ्वी चपटी है, वो दूर से ही उनकी मंजिल को देख सकेगा। हालांकि वो क्षितिज को नहीं देख सका और अंत में मान लिया कि पृथ्वी गोलाकर ही है।












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