Lal Bhindi ki Kheti : राजस्थान में पहली बार लाल भिंडी की खेती, किसान कैलाश लूणावत से जानें तकनीक
Lal Bhindi ki Kheti : राजस्थान में पहली बार लाल भिंडी की खेती, किसान कैलाश लूणावत से जानें पूरी तकनीक
बीकानेर, 26 अप्रैल। मिलिए कैलाश लूणावत से। इन्होंने कमाल कर दिखाया है। राजस्थान के धोरों (रेतीली मिट्टी) में लाल भिंडी उगा दी। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि यूरोपियन देशों में उगाई जाने वाली लाल भिंडी की खेती शुरुआत राजस्थान में बीकानेर जिले के नोखा गांव से किसान कैलाश लूणावत ने की है।

लाल भिंडी की खेती के बारे में अनुभव शेयर किए
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में किसान कैलाश लूणावत ने लीक से हटकर खेती करने और लाल भिंडी की खेती के बारे में अनुभव शेयर किए। लूणावत ने बताया कि किसानों को खेती में नवाचार करते रहना चाहिए। इससे कोई भी फसल उनकी आय का नया बेहतरीन जरिया बन सकता है।

लाल भिंडी की खेती के बारे में वीडियो देखा
बीकानेर नोखा के किसान कैलाश लूणावत ने बताया कि खेती में कुछ नया करना हमेशा से दिल में रहा। सोशल मीडिया के जमाने में यूट्यूब और मोबाइल एप्प के जरिए एक बार लाल भिंडी की खेती के बारे में वीडियो देखा।

NSCL से आनलाइन लाल भिंडी के बीज मंगवाए
पहले तो स्थानीय स्तर पर किसानों और कृषि अधिकारियों से लाल भिंडी की खेती के बारे में जानकारी जुटानी चाही, मगर कुछ हासिल नहीं हुआ। ऐसे में नेशनल सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड (NSCL) से आनलाइन लाल भिंडी के बीज मंगवाए।

लाल भिंडी के बीज 4500 रुपए किलोग्राम
लाल भिंडी के बीज 4500 रुपए किलोग्राम थे। सौ ग्राम बीज मंगवाकर ढाई माह पहले अंजीर के पास 250 पौधे लगाए, जिनके अब भिंडी लगने लगी है, जो पूरी हरी ना होकर लाल है।

लाल भिंडी बाजार में नहीं बेची
फिलहाल लाल भिंडी बाजार में नहीं बेची। घर पर दो-तीन बार सब्जी बना ली। खास बात यह है कि लाल भिंडी की पूरी खेती आर्गेनिक तरीके से की है। इसमें किसी रसायन का इस्तेमाल नहीं किया।

लाल भिंडी में एंटी आक्सीडेंट होती
मीडिया से बातचीत में कृषि विभाग के उप निदेशक कैलाश चंद्र बताते हैं कि लाल भिंडी में एंटी आक्सीडेंट होती है।

आयरन और कैल्शियम की मात्रा
इसमें आयरन और कैल्शियम की मात्रा भी भरपूर पाई जाती है। लाल भिंडी डायबिटीज और हार्ट की बीमारी के लिए फायदेमंद होती है।












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