पाकिस्तान से भारत में PVC पाइप से कैसे पहुंची 300 करोड़ की हेरोइन, इंटरनेशनल बॉर्डर की इनसाइड स्टोरी
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बीकानेर में BSF ने पकड़ी 300 करोड़ की हेरोइन, जानिए तस्करी की इनसाइड स्टोरी
बीकानेर, 3 जून। भारत पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे राजस्थान के बीकानेर जिले के खाजुवाला में सीमा सुरक्षा बल की 127वीं बटालियन के जवानों ने बड़ी कार्रवाई की है। बीएसएफ जवानों ने गुरुवार देर रात कार्रवाई करते हुए 56 किलो 600 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इसकी बाजार कीमत करीब 300 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।

डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में कार्रवाई
राजस्थान फ्रंटियर के अंडर BSF की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है। BSF के IG पंकज शर्मा के निर्देशन में बीकानेर सेक्टर के BSF DIG पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।

साल 2020 में मिला था बड़ा सुराग
दरअसल नवंबर 2020 में बीएसएफ को बीकानेर से सटी सीमा पर एक गुप्त पीओपी पाइप मिला था। यह पाइप इतना लंबा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच की जीरो बाउंड्री को आसानी से क्रॉस किया जा सकता था।

बीएसएफ की कई टीमें जुटीं जांच में
बीएसएफ ने इस पाइप को बरामद करने के बाद इसी दिशा में छानबीन और बीएसएफ की गुप्तचर शाखा ने भी इस पर काम करना शुरू किया। BSF के जवानों को जाच पड़ताल के दौरान पता चला कि नशीला पदार्थ हेरोइन सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी इसी पीवीसी पाइप के जरिए हो रही है। इसी रास्ते पाकिस्तानी तस्कर भारत पहुंचा रहे हैं।

जहां पीवीसी पाइप मिले वहां बढ़ाई गश्त
इसके बाद से क्षेत्र में ऐसे पाइप की छानबीन शुरू हो गई और बार्डर इलाके में जहां जहां ऐसे रास्ते में पाइप थे वहां वहां जवानों को तैनात कर गश्ती बढ़ा दी गयी। कुछ दिन पहले ही बीएसएफ जवानों को एक सुराग मिला था और उनको अंदेशा हुआ कि एक बार फिर ऐसे ही पाइप को डालकर तस्करी हो सकती है।

आंधी तूफान में तस्करी की थी आशंका
इस इनपुट को लेकर BSF DIG पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने खुद मौके पर जाकर इसका निरीक्षण किया था और बटालियन के जवानों को मुस्तैदी के साथ डटे रहने के आदेश दिए थे। हाल ही राजस्थान का पश्चिमी इलाका बीते कई दिनों से आंधी तूफान की चपेट में है। आए दिन धूलभरी आंधी चल रही हैं। सेना के जवानों को इस संबंध में अलर्ट भी किया जा चुका है कि आंधी तूफान की आड़ में बॉर्डर पर संदिग्ध गतिविधि बढ़ सकती हैं।

बीकानेर में बीएसएफ की बांधली पोस्ट पर कार्रवाई
दरअसल, गुरुवार तड़के जिस समय पाकिस्तानी तस्कर सीमा पार से भारत में हेरोइन की तस्करी कर रहे थे। उस दौरन राजस्थान बॉर्डर पर बीएसएफ की बांधली पोस्ट पर महज 2 जवान ही गश्त कर रहे थे। BSF जवानों को शक हुआ कि तेज आंधी तूफान व खराब मौसम में तस्कर कर सकते हैं। इसलिए जवान वहीं डटे रहे और उच्च अधिकारियों को अवगत करवाकर टीम को अलर्ट किया।

जवानों ने की अंधाधुंध फायरिंग
जैसे ही जवानों की भनक लगी कि तस्करी की जा रही है तो जवानों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जिसके चलते पाकिस्तान और भारत के तस्कर जान बचाकर सारा सामान वहीं छोड़कर भाग गए। सेना के जवानों ने कई किलोमीटर तक तस्करों का पीछा भी किया, मगर तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए।

तारबंदी के करंट से बचने का तरीका PVC पाइप
दरअसल भारत पाकिस्तान की सीमा पर तारबंधी के करंट से बचने के लिए तस्करों ने नया तरीका ईजाद किया हुआ है। पाकिस्तान से तस्कर तस्करी करने के लिए PVC पाइप को काम में लेते हैं। पहले पाइप को पाकिस्तान से भारत की ओर डाला जाता है। जिससे जीरो लाइन पर तारबंदी में चल रहे करंट का असर नहीं होता है। फिर उस पाइप में कोई भी सामान डालकर सीमा के उस पार पहुंचा देते हैं।

भारत-पाक बॉर्डर पर ऐसे होती है तस्करी
तस्कर पूरी प्लानिंग से कम करते हैं। हेरोइन सहित अन्य मादक पदार्थ की तस्करी के लिए पहले छोटे-छोटे थैले तैयार करते हैं। फिर इन थैलों को एक से दूसरे को जोड़कर अंडाकार रूप दिया जाता है। ताकि थैलों को पाइप में डालकर आगे धकेला जा सके। उसके बाद भारतीय सीमा में खड़ा तस्कर पाइप लाइन के इस ओर आने वाले हिस्से को खींचकर निकाल लेता है। यह खेल महज कुछ मिनटों का होता है, क्योंकि सीमा पर एक से दूसरी चौकी के बीच काफी अंतर होता है।

तस्कर यह तरीका लेते हैं काम
इस दौरान ऊंट पर व पैदल बीएसएफ के जांबाज जवान पेट्रोलिंग करते हैं। एक दूरी तक रातभर चक्कर काटने के बाद भी ऐसा हिस्सा रह जाता है, जहां अक्सर जवान नहीं पहुंच पाता है। तस्कर ऐसे ही स्थान को नोटिफाई करते हैं। चौकी नंबर से दूरी एक दूसरे को बताई जाती है। वहीं से पीवीसी पाइप डालकर नशे का सामान इधर से उधर भेज दिया जाता है।
मौसम बदलने का करते हैं इंतजार
बता दें कि नशे के सौदागर इतने शातिर होते हैं कि तस्करी करने के लिए अनुकूल मौसम का इंतजार करते हैं। यहां तक कि मौसम विज्ञान पर भी पूरी नजर रखते हैं। सर्दी के दिनों में जब घना कोहरा होता है और गर्मी के दिनों में रात के समय जब तेज अंधड़ होता है तो तस्कर एक प्वाइंट तय करके सामान का आदान-प्रदान कर लेते हैं।

इन महीनों में अधिक होती तस्करी
इसी कारण आमतौर पर नवम्बर से दिसम्बर और मई-जून के महीने में तस्करी की घटनाएं अधिक होती हैं। बीएसएफ के पास नाइट विजन और अंधेरे में दूर तक साफ दिखाने वाले कैमरे भी हैं, लेकिन थार रेगिस्तान इतना बड़ा है कि हर कहीं यह भी नहीं पहुंच पाते हैं।

कई दिन से तस्करों पर खास नजर रहे थे बीएसएफ जवान
बीकानेर सेक्टर बीएसएफ डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ बताते हैं कि 127वीं बटालियन ने कार्रवाई की है। हमारी गुप्तचर शाखा के पास पुख्ता सूचना थी। हमने पहले रैकी कर तस्करों को पकड़ने का प्लान बनाया। पिछले दिनों राठौड़ खुद मौके पर आए थे। बीते 15 दिन से हाई अलर्ट पर थे। बीती रात हमें तस्करी की सूचना मिली, मगर पूर्व सूचना वाली जगह की बजाय दूसरी जगह से नशीले पदार्थ की तस्कर हुई। फिर पाकिस्तान के तस्करों के इशारे पर भारतीय तस्कर बॉर्डर के पास आए और पीवीपी के जरिए हेरोइन की खेप ले रहे थे। तभी बीएसएफ के जवान अलर्ट हुए और फायरिंग की। अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।

तस्करों का 10-12 किलोमीटर पीछा किया
डीआईजी राठौड़ कहते हैं कि हमने सुबह तक तस्करों की तलाश में सर्च अभियान चलाया। तस्कर पंजाब की तरफ के भी हो सकते हैं। तस्करों का 10-12 किलोमीटर तक पीछा किया था। आशंका है कि तस्करों का स्थानीय लोगों ने साथ दिया है। पूरा मामला एनसीबी को सौंपा जाएगा, जो इसकी जांच करेगी। जोधपुर से एनसीबी की टीम रवाना हो सकी।
बीएसएफ डीजी ने जवानों को पांच लाख का ईनाम दिया
राजस्थान बॉर्डर पर तस्करों के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई के डीजी राकेश अस्थाना समेत अन्य उच्च अधिकारियों का फोन आया। उन्होंने कार्रवाई करने वाली टीम को बधाई दी और पांच लाख रुपए की घोषणा की है।
मौके पर जूत्तों के निशान के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत की तरफ से दो तस्कर थे। पूरा खुलासा एनसीबी की जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल जब्त की गई हेरोइन की बाजार कीमत तीन करोड़ के आस-पास बताई जा रही है। वास्तविक कीमत एनसीबी की जांच में सामने आएगी।
BSF IG पंकज गुम्बर ने जोधपुर मुख्यालय से पूरे ऑपरेशन को डायरेक्ट किया । DIG पुष्पेंद्र सिंह और डिप्टी कमांडेंट दीपेंद्र सिंह शेखावत ने ग्राउंड जीरो पर पहुचे और इंस्पेक्टर आशीष, सुनील और ASI दुलीचन्द ने मैदान में मोर्चा संभला ।











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