Rajasthan : किसान सम्मेलन में एक ही हेलिकॉप्टर में पहुंचे गहलोत-पायलट, जानिए कैसे घुली रिश्तों में मिठास?
बीकानेर। राजस्थान में सुजानगढ़, सहाड़ा, राजसमंद और वल्लभनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही उपचुनाव में जीत के लिए पूरा जोर लगा रखा है। कांग्रेस में तो सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच जमी सियासी बर्फ तक अब पिघलने लगी है। इसकी एक बानगी 27 फरवरी को गांव धनेरू में आयोजित किसान सम्मेलन में देखने को मिली है।

किसान सम्मेलन धनेरू श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर
बता दें कि चूरू जिले की सुजानगढ़ विधानसभा सीट की सीमा से लगते बीकानेर जिले की श्रीडूंगरगढ़ तहसील के गांव धनेरू में शनिवार सुबह 11 बजे किसान सम्मेलन हुआ, जिसमें शिरकत करने के लिए सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट एक ही हेलिकॉप्टर में सवार होकर आए। पिछले साल राजस्थान सियासी संकट के चलते पायलट और गहलोत के संबंधों में कड़वाहट बढ़ गई थी। दोनों एक साथ हवाई सफर करना तो दूर मंच तक साझा करने से बचते रहे।

पिलीबंगा में पायलट को किया था साइडलाइन
अशोक गहलोत और सचिन पायलट के रिश्तों में आई खटास की झलक 12 फरवरी को हनुमानगढ़ की पिलीबंगा में आयोजित किसान महापंचायत में भी देखने को मिली। पिलीबंगा किसान महापंचायत में राहुल गांधी खुद मौजूद थे, मगर पायलट को इसमें फ्रंटलाइन से साइडलाइन कर दिया गया था। उस दौरान मंच पर अशोक गहलोत को राहुल गांधी के बगल में दाईं ओर तथा प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, अजय मकान को बाईं ओर की जगह मिली। जबकि चौथे नंबर पर पायलट को बैठने का मौका मिला।

दिल्ली में मुलाकात के बाद होने लगी सुलह
राहुल गांधी के राजस्थान दौरे में सचिन पायलट को साइडलाइन किए जाने की सियासी गलियारों में खूब चर्चा हुई और पायलट भी अन्य जगहों पर किसान महापंचायतों के जरिए पावर गेम दिखाते रहे। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन और पायलट की दिल्ली में मुलाकात हुई। सुप्रीम कोर्ट से पायलट सहित 19 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका वापस लेने का फैसला हुआ है। अब हेलिकॉप्टर के इस सफर को दोनों नेताओं के बीच नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

ये नेता भी रहे मौजूद
श्रीडूंगरगढ़ के गांव धनेरू में हुए किसान सम्मेलन में सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के अलावा प्रदेश प्रभारी अजय माकन, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद रहे। कांग्रेस के इन नेताओं ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून का विरोध और किसानों का साथ देने की बात कही। इस किसान सम्मेलन में चूरू से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।












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