नजदीक आते लग रहे मोदी और नीतीश पर 'योगी' ब्रेक! यूपी ने बिगाड़ी बिहार में दोस्ती की संभावनाएं

इसी वजह से अब नई रणनीति तैयार की जा रही है जिसमें देश की सभी पार्टी को एक साथ मंच पर आने की बात कही जा रही है और इस गठबंधन में नीतीश कुमार बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत चहरा होंगे।

पटना। उत्तर प्रदेश की कमान जैसे ही योगी आदित्यनाथ के हाथों में गई बिहार में चल रही महागठबंधन की सरकार में चल रही बयानबाजी का दौर बंद हो गया है। साथ ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में हो रही ये चर्चा भी धीरे-धीरे खत्म होने लगी है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के करीब जा रहे हैं। हाल फिलहाल बिहार के गलियारों में ये चर्चा काफी सुनने को मिल रहा था कि महागठबंधन की सरकार में खटास आ रही है और जल्द ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी के साथ हाथ मिला लेंगे! लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये सारे कयास पर पूर्ण विराम लग गया है।

नजदीक आते लग रहे मोदी और नीतीश पर 'योगी' ब्रेक! यूपी ने बिगाड़ी बिहार में दोस्ती की संभावनाएं

आपको बता दें कि राजनीति एक ऐसा शतरंज का खेल है जिसमें कब कौन किसे मात दे देगा ये कहना मुश्किल है या फिर इसे यू भी कह सकते हैं कि राजनीति में कब क्या हो जाए ये अनुमान लगाना बेहद कठिन है। आजकल देश में चल रहे राजनीति के दौर और बिहार की राजनीति में ऐसा ही कुछ देखने को मिला है। BJP को उत्तर प्रदेश में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट के जरिए नोटबंदी पर समर्थन करते हुए इसका विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ निशाना साधा। जिससे बिहार के राजनीतिक गलियारे में एक आवाज गूंजने लगी है। नीतीश कुमार फिर भाजपा के करीब जा रहे हैं। क्योंकि वो बिहार में चल रही महागठबंधन सरकार में हो रहीं खिंचातान से परेशान हैं। ये चर्चा बिहार में थमी नहीं कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा दिया गया। जिसके बाद बीजेपी और नीतीश कुमार के रिश्ते में कड़वाहट आ गई और अब खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी ये एहसास हो रहा है कि 2009 में होने वाले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को टक्कर देने के लिए एक दमदार और मजबूत चेहरे की जरूरत है।

इसी वजह से अब नई रणनीति तैयार की जा रही है जिसमें देश की सभी पार्टी को एक साथ मंच पर आने की बात कही जा रही है और इस गठबंधन में नीतीश कुमार बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत चहरा होंगे। इस बात कि पुष्टि हाल-फिलहाल उत्तर प्रदेश चुनाव में आए परिणाम और मुख्यमंत्री की घोषणा होने के बाद के बाद स्पष्ट हो गया है। क्योंकि बिहार में जदयू के नेता द्वारा उत्तर प्रदेश चुनाव और BJP के नेता पर निशाना साधने से परहेज किया जाता था लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा होने के बाद नई रणनीति बनाते हुए लगातार जदयू नेता द्वारा BJP पर निशाना साधा जा रहा है और बिहार में चल रही महागठबंधन को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य दलों को एक साथ एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

यही नहीं योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनने के बाद जदयू के प्रवक्ता ने निशाना साधते हुए कहा कि आदित्यनाथ बीजेपी के नेचुरल च्वाइस हैं। आपको बता दें कि बीजेपी और जदयू के बीच पिछले 17 सालों का गठबंधन था पर ये गठबंधन राजनीतिक कुर्सी के वजह से टूट गया। नीतीश कुमार NDA गठबंधन से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनना चाहते थे लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया। जिसके बाद 17 साल का ये गठबंधन 17 मिनट में खत्म हो गया और चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। फिर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाई गई और नई राजनीति की शुरुआत की गई।

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने बिहार और देश के पक्ष में कुछ ऐसा फैसला लिया जिसका नीतीश कुमार ने समर्थन किया। इससे इन दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगी लेकिन अब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद इन दोनों के बीच कड़वाहट आ गई है और महागठबंधन के बीच चल रहे सारे डैमेज कंट्रोल खत्म हो गए हैं।

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