कौन हैं चेतना झांब, जनसुराज की टिकट पर समस्तीपुर से लड़ेंगी चुनाव! 3 देशों में है कंपनी, संपत्ति कर देगी हैरान
Who is chetna jhamb: फिल्म निर्माता चेतना झांब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जनसुराज में शामिल हो गई हैं। 01 अगस्त को प्रशांत किशोर ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई है। जनसुराज से जुड़ने के बाद चेतना ने कहा, "बिहारी आज सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इंटरनेशनल लीडरशिप कर रहे हैं। अब वक्त आ गया है कि पाटलिपुत्र को उसका पुराना गौरव लौटाया जाए, और ये काम प्रशांत किशोर जैसे नेतृत्व में ही संभव है।"
बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली चेतना की कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल है। कभी पैसों की तंगी में 10 रुपये बचाने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलने वाली चेतना ने कॉल सेंटर से करियर शुरू किया। इसके बाद एयर होस्टेस बनीं, फिल्मों में एक्टिंग की, फिर हॉलीवुड फिल्म प्रोड्यूस की। कोरोना काल के दौरान जब सब कुछ ठप हो गया, तब चेतना ने हार नहीं मानी। अमेरिका में एक दूसरी कंपनी के प्रोडक्ट बेचकर दोबारा उठीं और आज चीन में खुद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चला रही हैं। अब राजनीति में उतरकर चेतना झांब बिहार के विकास और बदलाव की नई कहानी लिखना चाहती हैं।

चेतना झांब: समस्तीपुर की बेटी, जिसने संघर्ष से बनाई इंटरनेशनल पहचान
बिहार की महिला उद्यमी चेतना झांब की कहानी फिल्म जैसी है। चेतना झांब आज न सिर्फ एक सफल फिल्म निर्माता हैं, बल्कि तीन देशों में अपनी कंपनियों की मालकिन भी हैं। कभी 3 हजार रुपये महीने की नौकरी करने वाली चेतना आज अमेरिका, सिंगापुर और चीन में अपने कारोबारी झंडे गाड़ चुकी हैं।
बचपन और संघर्ष की शुरुआत
समस्तीपुर की पंजाबी कॉलोनी में पली-बढ़ीं चेतना के पिता की कपड़े की एक छोटी सी दुकान थी। आंखों की कमजोरी के चलते दुकान ज्यादा नहीं चलती थी। घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। दो बहनों में एक चेतना ने जैसे-तैसे स्थानीय स्कूल से पढ़ाई की और बारहवीं के बाद घरवाले शादी की बातें करने लगे।
कॉल सेंटर से दिल्ली की शुरुआत
एक रिश्तेदार के कहने पर चेतना दिल्ली गईं, जहां शुरुआत में 3 हजार रुपये की सैलरी पर फ्रंट डेस्क का काम मिला। बाद में कॉल सेंटर में नौकरी लगी, लेकिन खर्च और सैलरी के बीच जंग चलती रही। एक समय ऐसा भी आया जब पैदल चलकर 10 रुपये बचाना उनकी मजबूरी थी।
फिर से समस्तीपुर लौटना और नई उड़ान
दिल्ली की कठिनाइयों से तंग आकर चेतना समस्तीपुर लौट आईं और ग्रेजुएशन में दाखिला लिया। इसी बीच एक अखबार में एयर होस्टेस ट्रेनिंग का विज्ञापन देखा और ट्रेनिंग के बाद एयर डेक्कन में 16 हजार की सैलरी पर नौकरी मिल गई। यहीं से उनके जीवन में नया मोड़ आया।
फिल्म और मॉडलिंग की दुनिया में कदम
एयर होस्टेस की नौकरी के दौरान उन्होंने एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म में छोटा सा रोल किया। इसके बाद "जोश" नाम की कन्नड़ फिल्म में काम किया, जो काफी हिट रही। चेतना ने धीरे-धीरे मॉडलिंग, विज्ञापन और अन्य प्रोजेक्ट्स में भी हाथ आजमाया।
हॉलीवुड में प्रोड्यूसर बनना और अमेरिका का संघर्ष
चेतना की मुलाकात नागेंद्र कैरी से हुई, जो हॉलीवुड फिल्म प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे। उनके साथ चेतना अमेरिका चली गईं, लेकिन एक फिल्म प्रोजेक्ट हाथ से निकल जाने के बाद उन्होंने 'हीलिंग विद ह्यूमर' नामक कॉमेडी शो लॉन्च किया, जो काफी हिट रहा।
कोविड में ध्वस्त सपने, लेकिन फिर से शुरुआत
कोविड ने सब कुछ रोक दिया। प्रोजेक्ट्स ठप पड़ गए, इन्वेस्टमेंट डूब गया। इस कठिन समय में चेतना ने सिंगापुर की एक फार्मा कंपनी के प्रोडक्ट अमेरिका में बेचने शुरू किए। यहीं से उन्होंने फार्मा सेक्टर को गंभीरता से लेना शुरू किया।
चीन में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और तीन इंटरनेशनल कंपनियां
chetna jhamb Net Worth: कड़ी मेहनत और अनुभव के बल पर चेतना ने चीन में अपनी खुद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की। आज उनकी तीन कंपनियां हैं-स्कंदा मीडिया (फिल्म प्रोडक्शन), स्कंदा इंडस्ट्रीज (ट्रेडिंग) और स्कीबा सिंगापुर (फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग)
इन कंपनियों के जरिए चेतना अमेरिका, रूस, थाइलैंड समेत 12 से अधिक देशों में अपने उत्पाद और प्रोजेक्ट्स चला रही हैं। स्कंदा मीडिया के तहत उन्होंने भोजपुरी फिल्म 'बेनुगाह' भी बनाई है। चेतना के पास आज करोड़ों की संपत्ति है। उनकी कंपनी की मार्केट वैल्यू करोड़ों में है।












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