Video: 'मोदी जी, 11 साल हो गए', 2014 में PM ने मोतिहारी से क्या किए थे वादे? पब्लिक ने अब दिलाया याद
PM Modi Motihari: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (18 जुलाई) चुनावी राज्य बिहार के मोतिहारी पहुंचे और यहां 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने मंच से पूरब की ताकत और विकास की रफ्तार पर जोर देते हुए कहा, "दुनिया में पूर्वी देश विकास की दौड़ में आगे जा रहे हैं, वैसे ही भारत में ये दौर हमारे पूर्वी राज्यों का है। हमारा संकल्प है कि आने वाले समय में जैसे पश्चिमी भारत में मुंबई है, वैसे ही पूरब में मोतिहारी का नाम हो।'' लेकिन जैसे ही ये बातें हुईं, मोतिहारी की जनता और यूथ कांग्रेस को 11 साल पुरानी "मीठी" याद आ गई।
साल था 2014, जब नरेंद्र मोदी ने इसी मोतिहारी की धरती से चीनी मिल चालू कराने का वादा किया था और कहा था कि अगली बार यहां की चीनी से बनी चाय पीएंगे। लेकिन 2025 की हकीकत ये है कि न मिल चली, न चाय बनी -और अब जनता सवाल पूछ रही है, मोदी जी, उस वादे का क्या हुआ?

यूथ कांग्रेस बोली- मोदी जी ने मोतिहारी को चीनी मिल और साथ चाय पीने का सपना दिखाया था
यूथ कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, "मोदी जी ने 2014 में मोतिहारी वालों को चीनी मिल और साथ चाय पीने का सपना दिखाया था, 2025 में हकीकत ये है कि मोतिहारी को आज तक एक चम्मच चीनी नहीं मिली, लेकिन आज मोदी जी फिर से वापिस आ रहे हैं, जुमलों की नई खेप लेकर।"
साल 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोतिहारी की एक जनसभा में कहा था कि "मैं अगली बार यहीं की चीनी से बनी चाय पीऊंगा।" इस बयान को न केवल जनता ने दिल से लगा लिया था, बल्कि मोतिहारी की बंद पड़ी चीनी मिल को लेकर नई उम्मीदें भी जगी थीं। लेकिन आज 11 साल बाद, वह वादा अधूरा ही रह गया है।
सोशल मीडिया पर जनता का सवाल
प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर पुराना भाषण वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर @itz_Karishma_18 ने कहा, '2014 में मोतिहारी चीनी मिल चालू करा मोदी इस चीनी का चाय पीने वाले थे। चीनी मिल तो चालू नहीं हुआ अब क्या पियेंगे?''
एक अन्य यूजर @SandeepYadavhry ने लिखा, ''अगली बार यहीं की चीनी से बनी चाय पियूंगा" 11 साल बीत गए, न चीनी मिल चालू हुई, न चाय मिली...हां, चुनाव फिर से आ गया। आज प्रधानमंत्री फिर से मोतिहारी में हैं - लेकिन जनता पिछले वादों का हिसाब मांग रही है।''
क्या हुआ उस वादे का? कांग्रेस ने कहा- PM मोदी पर भरोसा न करे जनता!
मोतिहारी की बंद पड़ी चीनी मिल कभी पूर्वी चंपारण की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हुआ करती थी। यहां हजारों किसानों की आजीविका जुड़ी थी।
पीएण मोदी के वादे के बाद उम्मीद थी कि इस मिल को फिर से शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। लेकिन 2025 तक आते-आते न तो चीनी मिल शुरू हो सकी, और न ही लोगों के जीवन में कोई ठोस बदलाव आया।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक मोतिहारी चीनी मिल चालू नहीं होने का मुद्दा उठाया है। रागिनी नायक ने कहा कि हम बिहार की जनता की ओर से मोदी जी के लिए फीकी चाय लाए हैं क्योंकि मोदी जी ने 2014 में किए अपने वादे के मुताबिक मोतिहारी चीनी मिल चालू नहीं कराई। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी सिर्फ जुमले करते हैं और उनपर जनता को विश्वास नहीं करना चाहिए।
पीएम नरेंद्र मोदी के वर्तमान दौरे में जहां हजारों करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है, वहीं जनता को पुराने अधूरे वादों की भी याद आ रही है। मोतिहारी की चीनी मिल की गूंज एक बार फिर उठी है -और इस बार लोग सिर्फ मीठे भाषण नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं।












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