पप्पू यादव के बेटे का उनमुक्त चंद से क्या है कनेक्शन? तेजस्वी की तरह क्रिकेट में फ्लॉप, राजनीति में हिट होंगे?
सीमांचल के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उन्होंने अपनी जन अधिकार पार्टी का विलय कांग्रेस में करा दिया है। पप्पू यादव ने दिल्ली में कांग्रेस के वरीय नेताओं की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ली। इसके साथ ही पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन भी कांग्रेस में शामिल हुए। इसका अर्थ है कि सार्थक अब आधिकारिक रूप से राजनीति में राजनीति में एंट्री ले चुके हैं।
सार्थक रंजन ने तेजस्वी यादव की तरह अपने करियर की शुरुआत पॉलिटिक्स से नहीं, बल्कि क्रिकेट से की थी, मगर दोनों ही इस क्षेत्र में कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए। अब जाकर सार्थक ने भी तेजस्वी की राह पर चलते हुए राजनीति का पाठ पढ़ना शुरू किया है।

उनमुक्त चंद की जगह मिला मौका
सार्थक को पहली बार पॉपुलैरिटी तब मिली थी जब वे साल 2018 में दिल्ली की टी20 टीम में चुन लिए गए थे। हैरानी की बात ये थी कि बिना सीजन में एक भी मैच खेले उन्हें उन्मुक्त चंद और हितेन दलाल जैसे खिलाड़ियों के ऊपर वरीयता देते हुए सय्यद मुश्ताक अली इंटर स्टेट टी20 टूर्नामेंट के लिए चुन लिया गया। हितने दलाल ने कुछ ही समय पहले हुए सीके नायडू ट्रॉफी में एक सेंचुरी और तीन हाफ सेंचुरी के साथ 468 रन बनाए थे और टॉप स्कोरर रहे थे।
बिना मैच खेले मिली एंट्री
साल 2016 में अपना पहला टी20 मैच खेलने वाले सार्थक ने तीन मुकाबलों में महज 10 रन बनाए थे। इसके बाद वे 2017 में सिर्फ एक मैच खेल पाए जिसमें उन्होंने 37 रन बनाए। 2018 में वे एक मैच में भी नहीं खेले। कहा जाने लगा कि सार्थक ने क्रिकेट खेलना छोड़ दिया है और अब वह मिस्टर इंडिया कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए तैयारी कर रहे हैं। लेकिन अचानक उन्हें एक अहम टूर्नामेंट में चुन लिया गया। जाहिर है हंगामा मचना था। मचा भी। बाद में दिल्ली बोर्ड इस मामले में सफाई देता रहा।
तेजस्वी को भी मिला मौका
दिलचस्प बात ये है कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा था। इससे पहले भी ऐसा एक बार हुआ था। और तब भी टीम दिल्ली की ही थी और खिलाड़ी का संबंध भी बिहार के एक नेता से जुड़ा था। जी हां अपने खेल में कोई खास कामयाबी नहीं दिखाने के बाद भी तेजस्वी को ऐसे ही दिल्ली टीम में चुन लिया गया था।
क्रिकेट में फ्लॉप रहे तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने अपने छोटे से करियर में सिर्फ एक प्रथम श्रेणी मैच खेला जिसकी दोनों पारियों को मिलाकर उन्होंने 20 रन बनाए। लिस्ट ए के दो मैचों में उन्हें खेलने का मौका मिला और उन्होंने 14 रन बनाए। तेजस्वी ने 4 टी20 मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने सिर्फ 3 रन बनाए।
IPL टीम का हिस्सा बने तेजस्वी
हालांकि क्रिकेट के मामले में तेजस्वी, सार्थक से अधिक किस्मत वाले निकले। तेजस्वी दिल्ली की टीम में जगह बनाने के बाद IPL का हिस्सा भी बने। साल 2009 में तेजस्वी को दिल्ली डेयरडेविल्स का हिस्सा बनाया गया था। तब तेजस्वी के पिता लालू देश के रेल मंत्री थे।
पिता लालू ने जताई थी निराशा
हालांकि वे कभी इस टीम के अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन सके। इससे निराश होकर एक बार पिता लालू यादव ने कहा भी था, ''मेरा बेटा तेजस्वी दिल्ली की टीम का हिस्सा है। लेकिन सिर्फ दूसरे खिलाड़ियों के लिए मैदान में पानी ले जाता है। उन लोगों ने तेजस्वी को कभी खिलाया ही नहीं।''
तेजस्वी की तरह कामयाब होंगे सार्थक?
हालांकि क्रिकेट को छोड़ दें तो तेजस्वी राजनीति में बेहतर प्रदर्शन कर पाने में कामयाब रहे हैं। सिर्फ 26 साल की उम्र में बिहार का उप-मुख्यमंत्री बनने वाले तेजस्वी अब सीएम बनने की रेस में हैं। वहीं सार्थक यादव जो कि उनसे 7 साल छोटे हैं अभी राजनीति का ककहरा सीख रहे हैं। देखना होगा कि वो अपने पिता की तरह राजनीति में बेहतर मुकाम हासिल कर पाते हैं या नहीं...












Click it and Unblock the Notifications