Bihar Politics: क्या है नीतीश की वह 7 निश्चय योजना, जिसका विरोध कर रहे हैं चिराग पासवान, समझिये
Chirag Paswap Opposing 7 Nischay Yojana: बिहार में नीतीश कुमार ने NDA गठबंधन के साथ जाकर नई सरकार तो बना ली है, लेकिन राहें अभी भी आसान नहीं हुई है। लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष सह जमुई सांसद चिराग पासवान सीएम नीतीश कुमार द्वारा चलाई जा रही योजना को साथ लेकर चलने के पक्ष में नहीं हैं।
चिराग पासवान का कहना है कि सात निश्चय योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। यह योजना जदयू और महागठबंधन की योजना है। चिराग की मांग है कि 'बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट' मुद्दे को NDA सरकार की सूची में जगह मिले। नई सरकार के एजेंडे में इसे शामिल किया जाए।

सांसद चिराग पासवान की अगर यह मांग पूरी नहीं हुई तो भविष्य में सीएम नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लोजपा सूत्रों की मानें तो जिस तरह विधानसभा चुनाव में लोजपा ने नीतीश कुमार के उम्मीदवार के खिलाफी अपने प्रत्याशी उतारे थे। इस बार वह लोकसभा चुनाव में नीतीश की पार्टी के ख़िलाफ़ उम्मीदवार उतार देंगे।
अब आप सोच रहे होंगे की यह सात निश्चय (7 Nischay Yojana) क्या है, तो आइए सात निश्चय योजना के बारे में जानते हैं। सीएम नीतीश कुमार ने चुनाव जीतने के 2015 में इस योजना को लागू किया था। इस योजना के तहत सात मुख्य बिंदुओं पर बिहार में काम किया जा रहा है।
1. आर्थिक हल, युवाओं को बल योजना
2. आरक्षित रोज़गार महिलाओं का अधिकार
3. हर घर बिजली लगातार
4. हर घर नल का जल
5. घर तक पक्की गली नालियां
6. शौचालय निर्माण घर का सम्मान
7. अवसर बढे, आगे पढ़ें!
चिराग पासवान का भी कुछ इसी योजना के तहत 'बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट' का मॉडल है। इसके तहत वह बिहार से पलायन रोकने, युवाओं को रोज़गार देने की बात करते आ रहे हैं। बिहार में वह अपने मॉडल के तहत स्वास्थ, शिक्षा और रोज़गार को बेहतर करना चाहते हैं। इसलिए वह चाहते हैं कि नई सरकार में सात निश्चय की बजाये 'बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट' मॉडल को तरजीह दी जाए।












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