CM स्टालिन ने राहुल और तेजस्वी के रिश्ते पर किया बड़ा खुलासा, कांग्रेस नेता ने BJP पर फिर लगाए गंभीर आरोप
Voter Adhikar Yatra in Bihar: बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के नेताओं की वोट अधिकार यात्रा लगातार सुर्खियों में है। इस यात्रा में पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी राहुल गांधी के साथ कदमताल कर रहे हैं। 11वें दिन इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी शामिल हो गए।
यात्रा के दौरान तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि, 'राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की दोस्ती सिर्फ राजनीतिक रिश्ता नहीं है, यह दो भाइयों के बीच का रिश्ता है। यह दोस्ती उन्हें विजयी बनाएगी। हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हुए हैं।'

करुणानिधि-लालू की दोस्ती का जिक्र
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन (MK Stalin) ने दरभंगा की यात्रा के दौरान कहा कि उनके नेता करुणानिधि और लालू प्रसाद यादव बहुत अच्छे दोस्त थे। उन्होंने लालू यादव को देश के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक बताया और कहा कि उन्होंने कभी भी बीजेपी से डरना नहीं सीखा। स्टालिन ने कहा कि लालू यादव से प्रेरणा लेकर तेजस्वी यादव भी उन्हीं के नक्शे-कदम पर चल रहे हैं।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
स्टालिन ने चुनाव आयोग को लेकर भी तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों तो एनडीए की हार तय है। लेकिन केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग को रिमोट कंट्रोल से चलने वाली कठपुतली बना दिया है। बिहार के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाना बिल्कुल ग़लत है।
'भाईचारे' के लिए तमिलनाडु से बिहार पहुंचे
स्टालिन ने कहा कि वह तमिलनाडु से अपने भाइयों का समर्थन करने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की 'वोट चोरी' को उजागर किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राहुल गांधी को शपथ पत्र देना चाहिए या माफी मांगनी चाहिए, लेकिन क्या राहुल गांधी कभी इन सब से डरेंगे? स्टालिन बोले - आज बीजेपी उन पर इसलिए हमला कर रही है क्योंकि उन्होंने दिखा दिया है कि बीजेपी ने चुनाव को मज़ाक बना दिया है।
राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर बोला हमला
'मतदाता अधिकार यात्रा' के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र पर हमला बोला।उन्होंने कहा कि, '2023 में जब हमें चीजें समझ में आने लगीं और सबूत मिलने लगे, तो लोकसभा और राज्यसभा में एक नया कानून लाया गया। कानून यह था कि चाहे कुछ भी हो जाए, चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। अगर चुनाव आयुक्त को ईमानदारी से काम करना है, तो ऐसे कानून की क्या जरूरत है? इसका एक ही कारण है: ये लोग (चुनाव आयोग) वोट चोरी में नरेंद्र मोदी की मदद कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि, 'वोट चोरी भारत के ईबीसी, दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग पर हमला है। वोट जाने के बाद राशन कार्ड और जमीन चली जाएगी। आजादी से पहले का समय वापस आ जाएगा जब आपको अपमानित किया जाता था, कोई अवसर नहीं मिलता था, और आपको शिक्षा नहीं दी जाती थी।












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