'छोटे सरकार' से Sonu Monu गैंग की पुरानी है दुश्मनी, कभी 50 लाख में ली थी Anant Singh को मारने की सुपारी
Anant Singh Latest News Today: बिहार के मोकामा प्रखंड के नौरंगा जलालपुर गांव में हिंसक टकराव ने कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी को उजागर कर दिया है। बुधवार को पूर्व विधायक बाहुबली अनंत सिंह पर जानलेवा हमला हुआ।
सोनू-मोनू गिरोह के सदस्यों पर हिंसक वारदात को अंजाम देने का आरोप लगा है। कथित तौर पर नौरंगा जलालपुर गांव में पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह पर सोनू-मोनू गिरोह ने हमला कर दिया। अनंत सिंह पर हमला के बाद से ही इलाके में तनाव बढ़ गया है। फिलहाल बाढ़ डीएसपी ने खुद मौके पर पहुंच कर गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है।

जलालपुर गांव के कुख्यात अपराधी: हमले के बाद गिरोह के सदस्य भाग निकले। छोटे सरकार पर हमला के बाद से यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर अचानक हिंसक वारदात कैसे हुई। आपको बता दें कि अनंत सिंह के साथ सोनू-मोनू गैंग की रंजिश काफी पुरानी है।
गिरोह प्रतिद्वंद्विता और पिछले संघर्ष: जलालपुर गांव के कुख्यात अपराधी सोनू और मोनू 15 साल पहले ट्रेन लूटने के बाद से ही अपराध में लिप्त हैं। यूपी के बाहुबली मुख्तार अंसारी गैंग से दोनों के तार जुड़े हुए हैं। दोनों भाइयों ने अंसारी के साथियों से अच्छा संबंध बना रखा है। बिहार में उसके शूटरों के साथ मिलकर गिरोह बनाने की योजना बना रहे हैं।
सोनू-मोनू का डर और प्रभाव: सोनू-मोनू गैंग ने पहले भी अनंत सिंह की हत्या की साजिश रची थी। 2017 में मोनू सिंह ने सिंह की हत्या के लिए 50 लाख रुपए की सुपारी ली थी। पुरानी दुश्मनी के बावजूद जेल से छूटने के बाद सोनू-मोनू और सिंह के बीच रिश्ते सुधर गए थे। हालांकि, बुधवार को वर्चस्व को लेकर फिर तनाव पैदा हो गया।
एक कॉल में होता है समाधान: मोकामा प्रखंड में सोनू-मोनू भाई अपने प्रभाव के लिए बदनाम हैं। उनकी ख्याति ऐसी है कि उनके फोन कॉल से ही समस्याओं का समाधान हो जाता है। विभागीय अधिकारियों द्वारा अनसुलझे मुद्दों के समाधान के लिए लोग सुबह से ही उनके दरबार में लाइन लगाते हैं।
अपराध की दुनिया के बादशाह: अपनी कथित सामाजिक सेवा के कारण कुछ ग्रामीणों द्वारा नायक के रूप में देखे जाने के बावजूद, सोनू-मोनू अपराध की दुनिया के बादशाह बने हुए हैं। सोनू-मोनू गैंग के लोग पर्दे के पीछे, पैसे के लिए जबरन वसूली, लूटपाट और हत्या में संलग्न हैं।
इस नए कांड का सटीक कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है। यह घटना बिहार में चल रही गैंग प्रतिद्वंद्विता को उजागर करती है, जहां आपराधिक समूह वर्चस्व के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य नौरंगा जलालपुर गांव में व्यवस्था बहाल करना और आगे की हिंसा को रोकना है।












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