Unique Marriage: वरमाला के दौरान फोटो खींचने को लेकर हुआ विवाद और टूट गई शादी, फिर थाने में हुआ विवाह
बिहार के सीतमाढ़ी के शादी का अजीबो गरीब मामला सामने आया है। वरमाला के दौरान तस्वीर खींचने को लेकर बहस होने पर शादी टूट गई फिर थाने में लड़का और लड़की शादी हुई।

Unique Marriage: देश भर में अभी शादी का सीज़न चल रहा है, रोज़ाना हज़ारों शादियां हो रही हैं। बिहार में भी शादी से जुड़ी कई दिलचस्प खबरें देखने को मिल रही हैं। वहीं सीतामढ़ी से शादी के दौरान अजीब मामला देखने को मिला। जहां वरमाला के दौरान तस्वीर खींचने को लेकर हुए विवाद की वजह से शादी टूट गई और फिर मामला थाना पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाते हुए लड़का-लड़की की शादी थाने में ही करवा दी। आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला क्या है ?

पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर करवाई शादी
बिहार के सीतामढ़ी में शादी का कार्यक्रम चल रहा था, लड़की के घर बारात आई। घर में पूजा होने के बाद वरमाला का कार्यक्रम होने लगा। कार्यक्रम के बीच में ही तस्वीर खींचने को लेकर बहस छिड़ गई। मामला इतना बिगड़ गया कि दोनों पक्ष के लोगों ने शादी ही तोड़ दी। शादी टूटने के बाद लड़का बारात लेकर वापस चला गया। दोनों पक्ष के लोग मामले की शिकायत लेकर थाना पहुंचे। वहां भी हाई वोल्टेज ड्रामा देखने के लिए मिला। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और उन्हें शांत करवाते हुए थानें में ही शादी करवा दी।

वरमाला में तस्वीर खींचने को लेकर हुआ विवाद
सीतामढ़ी के स्थानीय लोगों ने बताया की भासर मछहां गांव के रहने वाले प्रमोद सिंह की बेटी चांदनी और घोघराहा निवासी प्रकाश महतो के बेटे गुड्डू कुमार की शादी तय हुई थी। लड़का पक्ष के लोग बारात लेकर लड़की के घर पहुंचे। वरमाला के दौरान फोटो खींचने को लेकर बहस शुरू हुई और रिश्ता टूट गया। थाने में मामला पहुंचने के बाद पुलिस वालों ने दोनों पक्षों को रिश्ते की अहमित समझाई। पुलिस वालों की बात मान कर लड़का औऱ लड़की शादी के लिए राज़ी हो गए। जिसके बाद थाने में ही पुलिसवालों ने शादी का इंत़ज़ाम करते हुए विवाह करवा दिया।

चर्चा का विषय बनी अनोखी शादी
थाने में हुई शादी में लड़का-लड़की के पक्ष के लोगों के साथ काफी तादाद में लोगों ने शिरकत की। वहीं इस मामले में थानाध्यक्ष ने कहा कि हमारी कोशिश अपराध पर काबू पाने की रहती है। हम लोगों के पहले छोटे-मोटे घरेलु विवाद सुलझ जाए तो खुशी होती है। यह एक सामाजिक धर्म है। पुलिस की पहले से हुई शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल से समाज को अच्छा संदेश मिलता है। लोगों में जागरुकता फ़ैलती है। छोटी सी बात पर शादी तोड़ देना बहुत ही खराब माना जाता है। एक पिता अपनी बच्ची के शादी के लिए वर्षों कमाता है। उसकी यह ख्वाहिश होती है कि घर पर आए मेहमान की अच्छे से खातिर की जाए। शादी के लिए घर पर आए बारात के लौट जाने की तकलीफ़ बेटी की पिता से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। हम लोगों को समाज में जागरुकता लाने की ज़रूरत है, ताकि इस तरह के मामले को रोक सकें।
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