Video: 'भगवान कसम RJD में कभी नहीं जाऊंगा', छलका तेज प्रताप यादव का दर्द, जनता बोली- इनके साथ बड़ा धोखा हुआ!
Tej Pratap Yadav RJD controversy: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे लालू प्रसाद यादव का परिवार सुर्खियों में है। RJD सांसद संजय यादव को लेकर मचे घमासान के बीच अब लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर पार्टी पर सीधा हमला बोला है।
एक निजी चैनल से बातचीत में तेज प्रताप ने साफ कह दिया कि अब उनका RJD से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा -
"हम गीता और कृष्ण भगवान की कसम खाते हैं, RJD में कभी वापस नहीं जाएंगे। चाहे कोई कितना भी बुलाए, अब वहां कदम नहीं रखेंगे।" तेज प्रताप का यह बयान न सिर्फ पार्टी के लिए झटका है, बल्कि चुनाव से पहले परिवार में गहराती दरार की भी गवाही देता है।

"पार्टी और राजनीति अलग, माता-पिता का प्रेम अलग"
तेज प्रताप यादव ने इंटरव्यू में कहा कि राजनीति और माता-पिता का रिश्ता बिल्कुल अलग है। उन्होंने बताया कि वे हमेशा अपने माता-पिता की तस्वीर अपने साथ रखते हैं और वही उनके लिए भगवान हैं। उन्होंने कहा -"पार्टी और राजनीति अलग जगह है, लेकिन माता-पिता का प्यार सबसे ऊपर है। हमारे लिए वही पूजा के योग्य हैं।"
इस बयान से साफ है कि तेज प्रताप अपनी लड़ाई को संगठन तक सीमित रखना चाहते हैं और माता-पिता के प्रति सम्मान जताकर सीधा संदेश भी दे रहे हैं।
तेज प्रताप यादव का "RJD में कभी वापसी नहीं" वाला बयान पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। यह केवल व्यक्तिगत गुस्सा नहीं, बल्कि उस दरार का प्रतीक है जो चुनाव से ठीक पहले RJD को कमजोर कर सकती है। जनता के बीच छवि बिगड़ने का खतरा तो है ही, विपक्ष भी इस मौके का फायदा उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
बहन रोहिणी पर भावुक बयान
RJD में पिछले दिनों तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव को लेकर लालू परिवार में तनाव बढ़ा। इसी दौरान लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर कई तीखे बयान दिए।
तेज प्रताप ने इस मामले पर कहा, "रोहिणी जी ने जो काम किया, वो बहुत सराहनीय है। शायद ही कोई बेटी या मां ऐसा कर सकती है। हमारी बहनों का अपमान करने वालों पर कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलेगा।"
यह बयान साफ दिखाता है कि तेज प्रताप अपनी बहन के साथ मजबूती से खड़े हैं और पार्टी के अंदर के विवाद पर खुलकर बोलने से पीछे नहीं हट रहे।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, तेजस्वी यादव हुए ट्रोल
तेज प्रताप के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई सोशल मीडिया यूजर तेजस्वी यादव को ट्रोल कर रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा -"सोचिए, कितनी घटिया पार्टी होगी RJD और कितना घटिया आदमी है तेजस्वी यादव, जिसने अपने बड़े भाई को ही परिवार से अलग कर दिया।"
दूसरे ने लिखा -"तेज प्रताप का दर्द साफ दिख रहा है। लालू जी के बड़े बेटे को सच में धोखा मिला है।" कई लोग ये भी मान रहे हैं कि तेज प्रताप का यह फैसला चुनावी दौर में कोई छोटा बयान नहीं है। अगर परिवार और पार्टी में यह कलह ऐसे ही जारी रही, तो इसका सीधा नुकसान RJD को ही होगा।
सोशल मीडिया पर कई यूजर ने लिखा है, राजनीतिक जानकार मानते हैं कि परिवार और संगठन की एकजुटता ही किसी भी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत होती है। लेकिन अगर दरार गहरी हो गई तो इसका सीधा फायदा विपक्षी दलों को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश की राजनीति का उदाहरण सामने रखते हुए एक यूजर ने लिखा, ''जब परिवार और पार्टी में फूट पड़ती है, तो जनता का भरोसा भी टूट जाता है। विपक्ष ऐसी स्थिति का पूरा लाभ उठाता है। बिहार में भी यही हाल हो सकता है।''
चुनावी समीकरण पर असर
तेज प्रताप पहले ही पार्टी से दूरी बना चुके हैं, लेकिन अब जब उन्होंने भगवान की कसम खाकर यह ऐलान किया है कि वे RJD में कभी वापस नहीं जाएंगे, तो इसका मनोवैज्ञानिक असर भी पड़ेगा। RJD जहां पहले से ही संजय यादव को लेकर विवादों में है, वहीं बड़े बेटे का यह दर्द तेजस्वी यादव की मुश्किलें और बढ़ा सकता है।
बिहार की राजनीति में लालू परिवार की हर हलचल पर जनता की पैनी नजर रहती है। जनता जानती है कि जब परिवार में एकजुटता नहीं होती, तो संगठन भी कमजोर होता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर लोग बार-बार कह रहे हैं कि "तेज प्रताप के साथ धोखा हुआ है" और 'पार्टी अंदर से टूट रही है।' अब सवाल यह है कि चुनावी बिगुल बजते ही इस टूटन को कैसे रोका जाएगा। क्या लालू प्रसाद यादव खुद हस्तक्षेप करेंगे या फिर यह विवाद तेजस्वी के लिए और बड़ा खतरा बनकर उभरेगा?












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