Tej Pratap Yadav ने टूटते परिवार को लेकर मोदी सरकार-Nitish से मांगी मदद, बोले- 'मेरे माता-पिता को...'
Lalu Prasad Yadav Family Feud News: लालू प्रसाद यादव का परिवार अब पूरी तरह बिखरता नजर आ रहा है। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अब अपनी बहन रोहिणी आचार्य का खुलकर साथ देते हुए छोटे भाई और आरजेडी के उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव पर अप्रत्यक्ष रूप से गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार, गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई है कि उनके माता-पिता लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को 'मानसिक और शारीरिक दबाव' में रखा जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेज प्रताप ने अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (जनशक्ति)के सोशल मीडिया हैंडल से लगातार दूसरी पोस्ट में लिखा:- कुछ जयचंद प्रवृत्ति के लोग मेरे माता-पिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने पर तुले हैं। अगर इसमें जरा भी सच्चाई है, तो यह सिर्फ एक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि आरजेडी की आत्मा और बिहार की आत्मा पर सीधा प्रहार है।'

Rohini Acharya के आरोपों ने लगाई आग
सारा विवाद 16 नवंबर को तब शुरू हुआ, जब लालू प्रसाद को किडनी दान करने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर बम फोड़ा। रोहिणी ने तेजस्वी यादव और उनके करीबी संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:- 'मुझे 'गंदी-गंदी गालियां' दी गईं। मुझ पर इल्जाम लगाया गया कि मैंने पिता को किडनी देकर 'करोड़ों रुपये और चुनाव टिकट' लिया। यह सब मेरे पति और ससुराल की मर्जी के खिलाफ हुआ, तीन बच्चों की परवाह किए बिना मैंने यह बलिदान दिया।'
रोहिणी ने लिखा, 'जो बहनें शादीशुदा हैं, वे कभी अपने भाई को किडनी न दें। अपने भाई से कहें कि वो किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगा लें।'
Tej Pratap Yadav Post: तेज प्रताप का सीधा हमला - तीन नामों पर एफआईआर की मांग
तेज प्रताप ने रोहिणी के आरोपों को दोहराते हुए तीन नामों को खुलेआम निशाने पर लिया:-
- संजय यादव
- रमीज़ नेमत खान
- प्रीतम यादव
उन्होंने लिखा:- 'अगर मेरी बहन, मां या पिता के साथ किसी ने भी बदसलूकी की, धक्का-मुक्की की, गालियां दीं या मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न किया है, तो इन लोगों पर तुरंत FIR दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।'
तेज प्रताप ने आगे लिखा:- 'टिकट बांटने में पैसे लिए गए, चाटुकारों को तरजीह दी गई, जिन लोगों ने वर्षों तक आरजेडी को खड़ा किया, उन्हें नजरअंदाज किया गया। आज वही जयचंद लालच और चापलूसी के दम पर घर और पार्टी दोनों को तबाह कर रहे हैं।'
केंद्र और बिहार सरकार से क्या मांग की?
तेज प्रताप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से करबद्ध निवेदन किया है कि इस पूरे मामले की तत्काल, निष्पक्ष और सख्त जांचकराई जाए। अगर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को कोई मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना दी गई है, तो दोषियों पर सबसे कड़ी कार्रवाई हो। 'मेरे पिता जी पहले से गंभीर रूप से बीमार हैं, वे इतना दबाव सहन नहीं कर सकते।'
17 नवंबर की पोस्ट में भी दी थी चेतावनी
एक दिन पहले ही (17 नवंबर) तेज प्रताप ने लिखा था:- 'हमारी रोहिणी दीदी के साथ जो दुर्व्यवहार जयचंदों ने किया, उसने दिल को झकझोर दिया है। मेरे साथ जो हुआ, मैं सह गया, लेकिन बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। जयचंदों, परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी।'
अभी तक तेजस्वी की चुप्पी बरकरार
तेजस्वी यादव, मां राबड़ी देवी (Rabri Devi) या आरजेडी के आधिकारिक हैंडल से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह विवाद 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
बिहार की सियासत में यह परिवारिक कलह अब पूरी तरह खुलकर सामने आ चुकी है। तेज प्रताप का केंद्र और नीतीश सरकार से मदद मांगना इस बात का संकेत है कि लालू परिवार का आंतरिक युद्ध अब सड़कों और कोर्ट-कचहरी तक पहुंच सकता है।
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