Samastipur–Darbhanga NH-322 का चौड़ीकरण, ₹225.66 करोड़ की परियोजना से से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत!
Samastipur-Darbhanga NH-322: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने समस्तीपुर और दरभंगा जिलों के बीच बासुदेवपुर से दिलाही तक 23.95 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग-322 (NH-322) के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए ₹225.66 करोड़ की मंजूरी दी है। इस परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और उसके बाद पांच वर्षों तक अनुरक्षण कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना समस्तीपुर और दरभंगा के लिए एक बड़ी राहत होगी।

व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति
नितिन नवीन ने कहा कि "इस सड़क के बेहतर होने से जाम की समस्या दूर होगी, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, और क्षेत्र के विकास को बल मिलेगा। राज्य सरकार परियोजना के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन में हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।"
परियोजना का तकनीकी विवरण और सुरक्षा पहल
परियोजना के तहत पाँच मौजूदा वृहद पुल बरकरार रहेंगे और जटमालपुर (150 मीटर) पर एक नया वृहद पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा, तीन लघु पुलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा - जटमालपुर (25 मी.), बिशुनपुर (60 मी.) और दिलाही (25 मी.)। कुल 27 बॉक्स कल्वर्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें 19 मौजूदा और 8 नए निर्माण शामिल हैं, सभी 2×2 मीटर आकार के होंगे।
सड़क के चौड़ीकरण में कुल 4.2 किलोमीटर का री-एलाइन्मेंट गोपालपुर, कल्याणपुर, जटमालपुर और बिशुनपुर चौक के समीप किया जाएगा। इसके साथ ही परियोजना में बस लेन, क्रैश बैरियर, ट्रैफिक साइन, शहरी जंक्शन सुधार और रोड सेफ्टी फीचर्स पर विशेष ध्यान दिया गया है।
स्थानीय जनता और व्यवसायों पर सकारात्मक प्रभाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान सड़क संकरी होने के कारण ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की समस्या लगातार बनी रहती थी। सड़क चौड़ी होने के बाद यातायात सुगम और सुरक्षित बनेगा। व्यापारियों का कहना है कि "यह सड़क हमारे माल ढुलाई के समय को कम करेगी और व्यापारिक गतिविधियों को तेज़ करेगी। इससे क्षेत्रीय उद्योगों और रोज़गार के अवसरों को भी सशक्तीकरण मिलेगा।"
यह परियोजना क्यों है महत्वपूर्ण?
यातायात सुविधा: समस्तीपुर-दरभंगा मार्ग पर यात्रा समय में कमी और सड़क सुरक्षा में सुधार।
आर्थिक विकास: स्थानीय व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा, रोज़गार के अवसरों में वृद्धि।
सामाजिक लाभ: दुर्घटना और जाम में कमी, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के बीच बेहतर संपर्क।
लंबी अवधि की योजना: पाँच साल तक अनुरक्षण और सतत सड़क गुणवत्ता सुनिश्चित।
राज्य सरकार की रणनीतिक दृष्टि
पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना राज्य के सुदूर इलाकों को राजधानी पटना से चार घंटे के भीतर जोड़ने की परिकल्पना को भी बल देगी। परियोजना में केवल आवश्यक भू-अर्जन का काम किया जाएगा, जिससे स्थानीय किसानों और निवासियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी।












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