Bihar: बिहार में फिर उठी जातिगत जनगणना की मांग, मंत्री विजय चौधरी बोले- रोहिणी आयोग की रिपोर्ट जारी करे केंद्र
Rohini Aayog: बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद होने लगी है। बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधारी ने जातिगत जनगणना को लेकर नरेंद्र मोदी द्वारा गठित रोहिणी आयोग की रिपोर्ट का आधार बनाया है। विजय चौधरी ने रोहिणी आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि देश में रोहिणी आयोग की रिपोर्ट जातीय जनगणना पर जोर देने का इशारा कर रही है।
विजय चौधरी बोले रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लेकर मुझे जो जानकारी मिल रही है उस से यह साफ होता है कि बिहार में जातीय गणना कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए अलग-अलग श्रेणी बनाने की बात कही है।

विजय चौधरी ने रोहिणी आयोग की रिपोर्ट की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि सरकार के पास अलग-अलग जातियों की गणना और उनकी पूरी जानकारी नहीं होगी, तो लोगों को सरकार आरक्षण का लाभ कैसे देगी। यही नहीं मंत्री विजय चौधरी ने मांग की है कि केंद्र सरकार रोहिणी आयोग की रिपोर्ट जारी करे। रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने पर स्थितियां और स्पष्ट होगी। जातिगत गणना कराने को लेकर मांग उठ रही है।
क्या है रोहिणी आयोग? 31 जुलाई तक पेश होने की संभावना
रोहिणी आयोग का गठन केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल 5000 जातियों को उपवर्गीकृत करने के लिए किया गया था। इसकी जरूरत इसलिए महसूस हुई, क्योंकि एक धारणा बन गई थी कि ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल कुछ ही समुदायों को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता है। माना जा रहा है कि 31 जुलाई को रोहिणी आयोग की ओर से अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद से देश की सियासत में भूचाल आ सकता है।












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