Bihar Politics: पवन सिंह ने छुए उपेंद्र कुशवाहा के पैर तो भड़क उठे फैंस, अभिनेता ने संस्कारों पर दी सफाई
Bihar Chunav 2025: भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार और गायक-अभिनेता पवन सिंह की 16 महीने बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में घर वापसी हुई है। इस घटना ने बिहार की सियासत में नई हलचल मचा दी है। इस बीच उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें पवन सिंह राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के पैर लेते नजर आ रहे हैं।
जैसे ही ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई फैंस और उनके चाहने वाले इस को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें करने लगे।

कई लोगों ने इसे अभिनेता के आत्मसम्मान से जोड़कर सवाल उठाए तो किसी ने राजनीतिक लाभ लेने की बात कह दी। अब ट्रोलिंग के बीच पॉवर स्टार ने एक पोस्ट शेयर करते हुए ट्रोर्लस को करारा जवाब दिया है।
पवन सिंह ने दी सफाई - 'यह मेरे संस्कार हैं'
उपेंद्र कुशवाहा के पैर छूने वाली तस्वीर सामने आते ही पवन सिंह को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कई यूज़र्स ने लिखा कि "पवन सिंह ने राजनीति के लिए अपना आत्मसम्मान गिरा दिया।" वहीं, कुछ ने इसे बिहार की सियासत में नए समीकरणों का संकेत बताया।
लगातार मिल रही ट्रोलिंग के बीच पवन सिंह ने शुक्रवार, 3 अक्टूबर को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर इस पर सफाई दी। उन्होंने अपनी एक फोटो साझा करते हुए लिखा -"मेरे लिए इंसानियत मायने रखती है। अगर मेरे से बड़ा कोई मेरे सामने खड़ा है और मैंने उनको प्रणाम कर लिया तो क्या उसको झुकना बोलते हैं? अगर ऐसा है तो ठीक है ये मेरे संस्कार हैं। जय माता दी।"
पवन सिंह के इस पोस्ट से साफ है कि उन्होंने अपने इस कदम को राजनीति से जोड़ने की बजाय इसे व्यक्तिगत संस्कार और आदर का भाव बताया है।
बीजेपी में वापसी पर सियासी हलचल तेज
गौरतलब है कि हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की मौजूदगी में पवन सिंह ने दिल्ली में उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को बिहार की राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी पवन सिंह की लोकप्रियता को चुनावी रणनीति में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है।
पत्नी से विवाद पर भी रहे सुर्खियों में
सियासत और फिल्मों के अलावा पवन सिंह अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। उनकी पत्नी ज्योति सिंह के साथ विवाद जगजाहिर है। ऐसे में पवन सिंह का हर कदम अब मीडिया और पब्लिक की नजर में बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पवन सिंह का बीजेपी में शामिल होना और उनकी उपेंद्र कुशवाहा से नज़दीकियां आने वाले समय में बिहार की सियासत में नए समीकरण बना सकती हैं। भोजपुरी बेल्ट में पवन सिंह की बड़ी फैन फॉलोइंग है, और यही वजह है कि उनके राजनीतिक कदम को पार्टियां चुनावी दृष्टि से अहम मान रही हैं।












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