पवन सिंह नहीं लड़ेंगे बिहार चुनाव, शाह-नड्डा से मिलने के बाद भी कहां बिगड़ी बात, 5 प्वाइंट में समझिए सबकुछ
Bihar Election 2025 (Pawan Singh): भोजपुरी सुपरस्टार और सिंगर पवन सिंह ने शनिवार (11 अक्टूबर) को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा कि वे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नहीं लड़ेंगे। यह फैसला उनके फैन्स और समर्थकों के लिए चौंकाने वाला है। पवन सिंह ने एक्स पोस्ट में लिखा, ''मैं पवन सिंह अपने भोजपुरीया समाज से बताना चाहता हूं कि मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था और नाहीं मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है। मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा।'' इसके बाद अब साफ हो गया है कि पवन सिंह बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
इस ऐलान के ठीक पहले उनकी अलग रह रहीं पत्नी ज्योति सिंह ने 10 अक्टूबर को जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी। करीब 20 मिनट चली इस मुलाकात में ज्योति ने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है और यह किसी अन्य महिला के साथ नहीं होना चाहिए। इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाएं शुरू हो गईं कि शायद प्रशांत किशोर उन्हें टिकट दे सकते हैं। हालांकि, खुद PK ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि ज्योति उनसे बस मिलने आई थीं और अपने अनुभव साझा किया।

🔹 पवन सिंह ने क्यों लिया बिहार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला?
पवन सिंह का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कई समर्थकों को हैरान कर रहा। पिछले कुछ समय से उनके राजनीतिक रुख और पार्टी संबंधों को लेकर कई अफवाहें उड़ रही थीं। हाल ही में पवन सिंह ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि भोजपुरी स्टार बीजेपी में दोबारा शामिल होकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। अब सोशल मीडिया पर चर्चा है कि पत्नी ज्योति का पीके से मुलाकात के बाद पवन सिंह का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।
हाल ही में पवन सिंह बिजनेस टायकून अशनीर ग्रोवर के रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' से भी बाहर आए। जिसके बाद उन्होंने कहा, "मेरी जनता ही मेरा भगवान है और चुनाव के समय मेरा फर्ज है कि मैं उनके बीच रहूं।"
अगर पवन सिंह भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ते तो शाहाबाद क्षेत्र की 22 विधानसभा सीटों पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ सकता था। हालांकि अब उनका चुनाव में हिस्सा न लेना कई फैंस और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए नई चुनौती साबित होगा।

5 वजहें, क्यों पवन सिंह आए बैकफुट पर - पत्नी ज्योति से विवाद से PK की मुलाकात तक
1. पत्नी ज्योति सिंह से हाई-वोल्टेज ड्रामा
5 अक्टूबर को ज्योति सिंह लखनऊ में पवन सिंह के फ्लैट पर पहुंचीं। दोनों के बीच डेढ़ घंटे की बातचीत हुई, जिसके बाद हंगामा मच गया। ज्योति ने वीडियो में रोते हुए कहा कि उन्हें घर से निकालने की कोशिश की जा रही है और FIR भी दर्ज है। उन्होंने पवन पर चुनाव के दौरान दूसरी महिला के साथ रहने और भावनात्मक शोषण के आरोप लगाए।
2. प्रशांत किशोर से मुलाकात और नया मोड़
8 अक्टूबर को ज्योति सिंह ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वे टिकट के लिए नहीं, बल्कि "महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय" की आवाज उठाने आई हैं। हालांकि पवन सिंह के समर्थक इसे राजनीतिक चाल मान रहे हैं, क्योंकि ज्योति की मुलाकात के 20 घंटे बाद ही पवन ने चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया।
3. योगी-मोदी से लेकर बृजभूषण तक गुहार
इससे पहले ज्योति सिंह ने CM योगी, PM मोदी और बृजभूषण शरण सिंह तक से मदद मांगी थी। उन्होंने कहा था कि "मेरे सिंदूर की रक्षा कीजिए।" बृजभूषण ने जवाब दिया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए न्यायालय का फैसला ही अंतिम होगा।
4. हरियाणवी एक्ट्रेस से विवाद
पवन सिंह का नाम हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव के साथ विवाद में भी जुड़ा। अंजलि ने उन पर बैड टच का आरोप लगाया, जिसके बाद महिला आयोग ने रिपोर्ट मांगी। अंजलि ने साइबर पुलिस को 20 इंस्टाग्राम आईडी सौंपी हैं, जिनसे उन्हें ट्रोल किया गया था।
5. सोशल मीडिया पर गिरती इमेज
ज्योति और अंजलि विवादों के चलते पवन सिंह सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल हो रहे हैं। ज्योति ने करवा चौथ पर अकेले पूजा करते हुए लिखा - "मैं पत्नी होने का कर्तव्य निभा रही हूं, लेकिन भगवान मेरी जैसी अभागन किसी को न बनाए।"
🔹 पवन सिंह का राजनीतिक सफर: भाजपा में वापसी और विवाद
पवन सिंह पहली बार 2017 में बीजेपी में शामिल हुए थे। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के खिलाफ जाकर काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। इसके चलते 22 मई 2024 को उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। उस समय वे प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी थे। पवन सिंह ने बाद में कहा कि उन्होंने कभी बीजेपी से दूरी नहीं बनाई, बस परिस्थितियां अलग थीं।
उनकी हाल की राजनीतिक गतिविधियों में शामिल है 30 सितंबर को बीजेपी में वापसी। बिहार प्रभारी विनोद तावड़े ने उनकी वापसी कराई। इससे पहले पवन सिंह, विनोद तावड़े और राष्ट्रीय सचिव ऋतुराज सिन्हा के साथ राष्ट्रीय लोक मोर्चा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा से मिले और आशीर्वाद लिया। इसके बाद ही वो बीजेपी में दोबारा शामिल हुए थे।

🔹 पवन सिंह का परिचय
पवन सिंह सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि भोजपुरी संगीत के सुपरहिट गायक भी हैं। उनका जन्म 5 जनवरी 1986 को आरा, बिहार में हुआ। 1997 में पहला एल्बम रिलीज होने के बाद, उन्होंने कई हिट गाने दिए। 2008 का उनका 'लॉलीपॉप लागेलू' ग्लोबल हिट साबित हुआ। उन्होंने भोजपुरी फिल्मों जैसे 'प्रतिज्ञा', 'क्रैक फाइटर', 'धड़कन', 'हर हर गंगे' में काम किया और अपने अभिनय से भी फैंस का दिल जीता।
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