पटना पुलिस के हत्थे चढ़ा एक और संदिग्ध आंतकी , पाकिस्तानी नंबर से ग्रुप बनाकर फैला रहा था नफरत
पटना, 15 जुलाई: बिहार पुलिस ने गुरुवार को व्हाट्सएप पोस्ट के जरिए 'राष्ट्र-विरोधी' सामग्री फैलाने और आतंकवाद समर्थक पोस्ट के जरिए लोगों को भड़काने के आरोप में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसकी 2023 में "जिहाद को निर्देशित" करने की योजना थी। पुलिस ने शुक्रवार को छापेमारी करते हुए फुलवारी शरीफ से ही 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पटना दौरे के दौरान राजधानी में बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया। पटना पुलिस के हत्थे सबसे पहले दो संदिग्ध आतंकी चढ़े, जिनकी पहचान अतहर परवेज और जलालुद्दीन के तौर पर हुई थी।
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एसएसपी पटना एमएस ढिल्लों ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि, "एक अन्य आरोपी मार्गुव अहमद दानिश उर्फ ताहिर को कल रात गिरफ्तार किया गया। वह फुलवारी शरीफ का रहने वाला है। वह 2006-2020 तक दुबई में काम करता था। उन्होंने कहा, हमने फोन नंबर इंटरसेप्ट किया और राष्ट्र विरोधी सामग्री मिली। वह व्यक्ति गजवा-ए-हिंद समूह से जुड़ा था।
उन्होंने आगे कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति ने दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हुए थे। जिन्हें पाकिस्तानी नंबर के ऑपरेट किया जा रहा था। इन ग्रुप का वही एडमिन भी था। एसएसपी पटना ने कहा, "इसमें खाड़ी देशों के कई लोग थे। एक अन्य समूह जनवरी में बनाया गया था और इसमें बांग्लादेशी लोग थे। समूहों में बांग्लादेश, पाकिस्तान, यमन और अन्य खाड़ी देशों के 150 से अधिक लोग थे।
एसएसपी पटना एमएस ढिल्लों ने पुष्टि की, ये समूह कश्मीर से जुड़ी आतंकवाद समर्थक पोस्ट के साथ-साथ लोगों को भड़काने वाली राष्ट्र विरोधी सामग्री वितरित कर रहे थे। उनकी 2023 में प्रत्यक्ष जिहाद में शामिल होने की योजना थी। पुलिस के अनुसार, 7-8 लोग तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों से पहुंचे हुए थे और वे 12 जुलाई को तीन तलाक और नूपुर शर्मा के खिलाफ पटना में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे थे।
इससे पहले बुधवार को, फुलवारी शरीफ इलाके में छापेमारी के बाद एक सेवानिवृत्त पुलिस उप-निरीक्षक सहित कम से कम दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जिनसे भारत को इस्लामिक राज्य बनाने के लिए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 'मिशन 2047' के बारे में दस्तावेज जब्त किए गए थे। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति युवाओं को आतंकी गतिविधियों की ट्रेनिंग दे रहे थे।












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